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डॉ. आंबेडकर के अपमान करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए

सौंपा ज्ञापन

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ज्ञापन... बौद्ध समाज के लोगों ने ज्ञापन सौंप कार्रवाई की मांग की।

राजनांदगांव / डोंगरगढ़. स्थानीय आदर्श बौद्ध महासभा नागसेन बुद्ध विहार के अध्यक्ष मुन्नालाल नंदेश्वर के नेतृत्व में बौद्ध अनुयायियों ने संविधान की प्रति जलाने एवं संविधान निर्माता डॉ बाबासाहेब आंबेडकर का अपमान करने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई कर सजा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। तहसील कार्यालय में सौंपे गए ज्ञापन में बौद्ध अनुयायियों ने बताया कि देश की राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर में गत 9 अगस्त को संविधान विरोधी तत्वों द्वारा भारतीय संविधान की प्रतियां जलाई गई थी तथा संविधान के निर्माता डॉ. आंबेडकर के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया था। यह कृत्य निश्चित रूप से देशद्रोह की श्रेणी में आता है।

कार्रवाई की मांग
संविधान ही भारत की सर्वोच्च कृति है व संविधान के निर्माण में डॉ. आंबेडकर भारत के अतुल्य एवं सर्वोच्च पूजनीय मानव हैं। इसलिए संविधान की प्रति जलाने व डॉ. आंबेडकर के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने वालों को देश द्रोही घोषित कर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून व भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर उनकी गिरफ्तारी व उनके खिलाफ अभिलंब कार्रवाई करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया।

ये रहे उपस्थित
ज्ञापन सौंपने वालों में संजय सरजारे, मिलिंद कुमार, विवेक चौधरी, अमिताभ दुफारे, संजू गजभिए, सविता मेश्राम, विष्णु चौधरी, राधिका जंघेल, उमा जनबंधु, ममता प्रदीप गजभिए, अस्मिता मेश्राम, मनोज गजभिए, संतोष नंदेश्वर, एसके आजाद, करण नंदेश्वर, सुजीत मेश्राम, आशीष डोंगरे, अविनाश रामटेके, अशोक नंदेश्वर, पुरुषोत्तम तेंदुलकर, सुरेश सहारे सहित बड़ी संख्या में बौद्ध अनुयाई उपस्थित थे।

खैरागढ़ में भड़की चिंगारी
खैरागढ़. भारतीय सविधान के प्रतियों को जलाने एवं सविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को अपशब्द कहने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग को लेकर ओबीसी वर्ग, एसटी, एससी वर्ग सहित अंबेडकर एवं बौद्ध अनुयाइयों ने खैरागढ़ तहसीलदार को ज्ञापन सौपकर उचित कार्यवाही करने की मंाग की है।

९ अगस्त को जलाई गई थी प्रतियां
तहसीलदार को सौंपे ज्ञापन में संविधान प्रेमी नागरिकगण सहित समस्त ओबीसी एससीएटी वर्ग अंंबेडकरी बौद्ध अनुयायीगणों ने बताया कि दिल्ली के जंतर मंतर में 9 अगस्त को संसद भवन मार्ग पर कतिपय देशद्रोही असामाजिक तत्वों द्वारा संविधान की प्रतिया जलाई गई थी संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर को अपशब्द कहते गाली दी गई थी।

जानबूझकर किया गया कृत्य
असामाजिक तत्वों का यह कार्य देशद्रोह है अलोकतांत्रिक और जाति समुदाय मे हिंसा फैलाने की दृष्टि से जानबूझकर किया गया कृत्य है। ज्ञापन में कहा गया कि संविधान निर्माता को अपशब्द कहना एसटीएससी एक्ट का सीधा सीधा उल्लंघन है और राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आता है।

कार्रवाई की मांग
अत: उक्त कृत्य करने वाले दोषियों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह, भाईचारा बिगाडऩे और एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विधिवत मुकदमा चलाने की आवश्यकता है ज्ञापन सौंपने वालों मे उत्तम बागड़े, कमलेश कोठले,शंकर चौहान, विमल बोरकर, बहादुर कुर्रे, अनमोल बौद्ध, प्रदीप बोरकर, राजकुमार बंजारें, जेठू मारकंडे, यसवंत सिरमौर, निर्मल चंदेल, भोजराज उके सहित सामाजिक लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।