
विभाग और कंपनी के साथ कर्मचारियों को भी नजर आने लगे फायदे ...
राजनांदगांव. लॉकडाउन में वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा मिलने से विभागों व कर्मचारियों को भी उसमें फायदे नजर आने लगे हैं। कर्मचारियों को लंबे समय तक ट्रैफिक से मुक्ति मिली है, तो कार्यालयों का बजट घटाने में भी मदद मिली है। इसको देखते हुए कई शासकीय विभाग व निजी कंपनी वर्क फ्रॉम होम कराने की ओर संभावना को तलाश रहे हैं। उनका मानना है कि जिन कर्मचारियों का जॉब सीधे उपभोक्ता से नहीं है और ऑफिस में भी सारा काम कम्प्यूटर या लैपटॉप के जरिए करते थे, उनके लिए वर्क फ्रॉम होम करने में कोई समस्या नहीं है। ऐसे कर्मचारी आसानी से अपनी सुविधा के अनुसार वर्क फ्रॉम होम में बेहतर काम कर दे रहे हैं। इसमें कर्मचारियों का खर्च भी घट जाता है।
ट्रांसपोर्टर भी अपने कामों को घर पर बैठकर निपटा रहे हैं, वे ट्रक कहां आया-गया उसका लेखा-जोखा घर बैठे ले रहे हैं। उनके साथ जुड़े अन्य कर्मचारी भी घर पर रहकर काम कर रहे हैं। इससे उनका ऑफिस खर्च बच रहा है। कई कंपनियां भी ऑनलाइन डिमांड के हिसाब से छोटे व्यापारी व दुकानदारों को माल सप्लाई कर रही है। इससे बाजार में लोगों की भीड़ भी कम हुई है। कार्यालयों में सोशल डिस्टेसिंग का पालन आसानी से हो पा रहा है।
सामंजस्य बिठाकर निपटाया जा रहा काम
ज्यादातर विभागों 70 फीसदी से अधिक कामकाज कंप्यूटर के माध्यम से होते हैं, ये कर्मचारी कार्यालय में आते हैं, तो कंप्यूटर या लैपटॉप के माध्यम से ही काम करेंगे। इन कर्मचारियों को घर से काम निपटाने में कहीं कोई परेशानी नहीं आ रही। भले ही घर पर रहकर काम करने में थोड़ी परेशानी जरूर आ रही है, क्योंकि इन दिनों लॉकडाउन होने के कारण घर-परिवार सभी घर पर ही रह रहे हैं। इसमें सामंजस्य बिठाकर काम निपटाया जा रहा है।
बेहतर विकल्प के रूप में हुआ विकसित
चूंकि शासकीय कार्यालयों में लॉकडाउन के कारण सोशल डिस्टेसिंग का पालन करना जरूरी है। ऐसे में कर्मचारियों को घर से काम कराना एक बेहतर विकल्प के रूप में विकसित हो चला है। अधिकारी योजनाओं की घर से मॉनिटरिंग कर पा रहे हैं, तो कर्मचारी भी अपने घर पर ही ई-कार्यालय डेवलप कर कार्यों का निष्पादन कर रहे हैं। इससे आफिस खर्चे में कमी आई है।
Published on:
24 May 2020 07:34 am
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