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OMG! इस बार पौन करोड़ रुपए के सरकारी खर्च में चुना जाएगा इस जिले में एक विधायक

जिले के छह विधानसभा क्षेत्रों में विधायक के निर्वाचन के लिए करीब 4 करोड़ रूपए सरकार को खर्च करने पड़ेंगे।
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राजनंदगांव

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Dakshi Sahu

•

Updated: 25 Jul 2018, 1:05 PM IST

PATRIKA

OMG! इस बार पौन करोड़ रुपए के सरकारी खर्च में चुना जाएगा इस जिले में एक विधायक

अतुल श्रीवास्तव@राजनांदगांव. जिले के छह विधानसभा क्षेत्रों में विधायक के निर्वाचन के लिए करीब 4 करोड़ रूपए सरकार को खर्च करने पड़ेंगे। यानि लगभग 75 लाख रूपए के सरकारी खर्चे के बाद एक विधायक चुना जाएगा। चुनाव के दौरान उम्मीदवारों और पार्टियों द्वारा तय मापदंड के अनुसार खर्च को जोड़ दिया जाए तो एक विधायक के पीछे का खर्च एक करोड़ रूपए से ज्यादा आएगा। पिछले विधानसभा चुनाव में जिला निर्वाचन कार्यालय ने तीन करोड़ 30 लाख रूपए खर्च किए थे। पता चला है कि इस बार पिछले खर्च की राशि से २० फीसदी ज्यादा खर्च चुनाव में होगा।

66 लाख बढ़ाकर भेजा गया पत्र
2013 में हुए खर्च 3 करोड़ 30 लाख 64 हजार 620 रूपए में २० प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर 2018 के चुनाव में खर्च का अनुमान है। इस राशि का 20 प्रतिशत 66 लाख 123 हजार 924 रूपए होता है। यानि 2018 के विधानसभा चुनाव में 3 करोड़ 96 लाख 77 हजार 544 रूपए का खर्च अनुमानित है।

2013 में ये था खर्च
जिला निर्वाचन कार्यालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में राजनांदगांव जिले की छह विधानसभा क्षेत्रों में कुल 3 करोड़ 30 लाख64 हजार 620 रूपए खर्च हुए थे। इन खर्चों में मतदान कर्मियों के मानदेय और सुरक्षा में लगे पुलिस बल के मानदेय सहित मतदान के दौरान की व्यवस्थाओं और मतगणना का पूरा खर्च शामिल था।

विधानसभा चुनाव में एक अभ्यर्थी के चुनाव खर्च की सीमा 28 लाख रूपए तय है। पहले यह १६ लाख रूपए हुआ करती थी। हालांकि पार्टियों के खर्चे की कोई सीमा तय नहीं की गई है। आमतौर पर चुनाव में खड़े प्रत्याशी और उनकी पार्टी दूसरे रास्ते से तय सीमा से काफी ज्यादा का खर्च करती हैं। विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिले के लिए सामान्य वर्ग के लिए 10 हजार और अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के लिए ५ हजार रूपए नामांकन शुल्क निर्धारित है।

चल रही विधानसभा चुनाव की तैयारियां
छत्तीसगढ़ की पांचवीं विधानसभा के लिए चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इव्हीएम को चुनाव के लिए तैयार करने और मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम चल रहा है। इस बीच इस चुनाव के खर्चे का अनुमान लगाने का काम जिला निर्वाचन कार्यालय कर रहा है। आमतौर पर बीते चुनाव के खर्च में २० फीसदी राशि जोड़कर अनुमानित खर्च का आंकलन किया जाता है। इस आधार पर माना जा सकता है कि इस बार करीब ४ करोड़ रूपए जिले के छह विधानसभा क्षेत्रों में खर्च होंगे।

20 फीसदी खर्च इस बार बढऩे का अनुमान करीब 4 करोड़ खर्च होंगे छह विस सीटों पर
मतदान में लगे पुलिस कर्मियों का मानदेय - 7667725
अधिग्रहित वाहनों पर खर्च - 6300000
मतदान में लगे कर्मियों का मानदेय - 3965500
पीओएल मद के अंतर्गत खर्च - 2700000
लाइट, माइक, टैंट व शामियाना - 2370600
टीन पेटी, ट्रंक का खर्च - 60000
बिजली मद के लिए खर्च -60000
सामग्री लेने, देने वाले कर्मचारी का मानदेय - 58200
सीसीटीव्ही कैमरा का खर्च - 45200
यात्रा, भत्ता दौरे पर खर्च - 30000