
CG assembly election 2023 : चुनाव करीब इसलिए सड़क की मरम्मत , मनरेगा का काम चालू नहीं
CG assembly election 2023 : डोंगरगांव विधानसभा सीट प्रदेश में राजनीतिक रूप से बेहद चर्चित है। इस सीट से कभी राजफैमली से जुड़ीं कांग्र्रेस की कद्दावर नेत्री स्व. गीता देवी सिंह प्रतिनिधित्व किया करती थीं तो वहीं डॉ रमन सिंह को उप चुनाव में जीत दिलाकर इस विधानसभा के मतदाताओं ने मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। अब इस विधानसभा का प्रतिनिधित्व कांग्रेस नेता दलेश्वर साहू कर रहे हैं। यहां के मतदाताओं ने दलेश्वर को दूसरी बार विधायक चुनकर सेवा का मौका दिया है।
पत्रिका रिपोर्टर ने इस विधानसभा का हाल जानने के लिए हाइवे पर स्थित तुमड़ीबोड गुरुद्वारा से आरी-कोनारी जाने वाले मार्ग से सफर की शुरुआत की। पहली ही दस्तक में सडक़ की हालत देखकर पता चल गया कि क्षेत्र के मतदाताओं की किस तरह उपेक्षा हो रही है। (Chhattisgarh assembly elections 2023) मचानपार, दिवानझिटिया तक की सडक़ बेहद खराब है। हाल ही में इस सडक़ की मरम्मत शुरू की गई है पर आधी-अधूरी। दिवानझिटिया निवासी कुशल सिंह और ग्राम प्रमुख मंशाराम यदु ने बताया कि चुनाव की नजदीकी को देखते हुए सडक़ की मरम्मत शुरू कराई है जबकि चार साल से सडक़ की हालत खराब थी। बताया कि उपस्वास्थ्य केन्द्र में डॉक्टर और अन्य स्टाफ की कमी दूर नहीं की जा रही है।
पानी नहीं आ रहा पर हस्ताक्षर करा लिए
दीवानभेड़ी गांव पहुंचने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण तालाब में मनरेगा का कार्य करते नजर आए। यहां पहुंचने पर मनरेगा मजदूर अशोक साहू ने बताया कि गांव में जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइन बिछाई गई है। नल का कनेक्शन दिया गया है पर पानी नहीं आ रहा है पर ग्रामीणों से एक फार्म में हस्ताक्षर करा लिया गया कि पानी आना शुरू हो गया है। इस पर आपत्ति की गई है।
वन विभाग की सुस्ती से नुकसान
गांव के ही योगराज रावटे ने बताया कि पानी देने के नाम पर ग्रामीण से मजाक कर रहे हैं। योगराज ने प्रदेश सरकार की किसान न्याय योजना की सराहना की। कहा कि इससे आर्थिक मदद मिली है। ग्रामीण चितेश पटेल ने बंदरों के आतंक की कहानी बताई। कहा कि बंदर रोज खपरैल वाले मकानों को क्षति पहुंंचा रहे हैं पर वन विभाग की ओर से रोकथाम नहीं किया जा रहा।
इसी रास्ते से गुजरते हैं विधायक
दिवानभेड़ी से तीन किलोमीटर दूर स्थित बीजेभांठा गांव में भी पानी की समस्या बताई गई। ग्रामीण बेनीदास मानिकपुरी ने कहा कि विधायक गांव के रास्ते से गुजर जाते हैं पर समस्याओं को दूर नहीं कर रहे हैं। (छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023) बेनी दास ने बताया कि यहां पर ठेकेदार ने पाइप बिछाने सडक़ों को खोदकर छोड़ दिया है। ग्रामीण बेनीदास इस बात से नाराज दिखे कि यहां एक बार भी सांसद का दौरा नहीं हुआ है। कहा कि सांसद चुनाव जीतने के बाद यहां कभी नहीं आएं हैं। गांव के ही जीवनलाल साहू ने बताया कि सोसाइटी में समय पर खाद-बीज मिल जाने से खेती कार्य में आसानी हुई है।
लोकल में काम नहीं मिल रहा
पत्रिका रिपोर्टर ने शहीद रामकुमार पटेल के गांव मारगांव पंचायत का रूख किया तो यहां पंचायत भवन के सामने बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुटी थी। बताया कि गांव में मनरेगा का कार्य शुरू नहीं होने से मजदूरी करने बाहर जाना पड़ता है। यहां नल-जल योजना के तहत पानी की सप्लाई होती है पर केवल एक टाइम। युवक रोहित कुमार ने कहा कि रोजगार सहायक भी मनरेगा का कार्य शुरू कराने ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसलिए निजी प्लांट में मजदूरी करने मजबूर हैं।
यहां नहीं आते जनप्रतिनिधि
मारगांव के गणेश खरे ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से भूमिहीन मजदूरों को जो आर्थिक मदद की जाती है, वह बेहतर है। मारगांव से तीन किलोमीटर दूर स्थित गाताटोला पहुंच मार्ग की हालत बेहद खराब है। ग्रामीणों ने बताया कि इस गांव में जनप्रतिनिधि और अफसरों की आवाजाही नहीं के बराबर है। सडक़ की हालत सुधारने की मांग कई बार कर चुके हैं पर केवल आश्वासन मिल रहा है।
शॉर्टकट रास्ता बहुत जरूरी
इस विधानसभा के नाथूनवागांव के श्यामचंद बांधे ने बताया कि डोंगरगांव अस्पताल जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। गांव के राजेश साहू ने बताया कि डोंगरगांव तक जाने के लिए पहले तुमड़ीबोड जाना पड़ता है। इसके बाद मचानपार, सालिक झिटिया होते हुए आगे बढ़ते हैं। जबकि सरकार चाहे तो गांव से निकले दो कच्ची सडक़ों को पक्की बनाकर डोंगरगांव जाने शॉर्टकट रास्ता दे सकते हैं पर कोई ध्यान नहीं दे रहे।
Updated on:
19 May 2023 04:05 pm
Published on:
19 May 2023 04:01 pm
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