
ये है CG का सबसे खतरनाक मतदान केंद्र, यहां सड़क तो है फिर भी मतदान दल को न्यूटन की तरह चलना होगा 12 किमी. पैदल
राजनांदगांव. पहले चरण के चुनाव के तहत राजनांदगांव जिले में 12 नवम्बर को वोट पड़ेंगे। जिले में पांच विधानसभा सीटों में सुबह 8 से लेकर शाम 5 बजे तक मतदान होगा। जबकि माओवाद प्रभावित मोहला-मानपुर विधानसभा क्षेत्र में सुबह 7 से लेकर दोपहर 3 बजे तक वोट पड़ेंगे।
वाहनों का इस्तेमाल नहीं करने की रणनीति
माओवादियों की धमक के चलते इस विधानसभा सीट में फोर्स के साए में मतदान होगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ केन्द्रों तक मतदान दल को दस से 12 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचना पड़ेगा। हालांकि सभी केन्द्र पहुंच मार्ग से जुड़े हैं लेकिन सुरक्षा कारणों के चलते कई इलाकों में वाहनों का इस्तेमाल नहीं करने की रणनीति के तहत ऐसा करना पड़ेगा।
राजनांदगांव जिले की छह सीटोंं में बस्तर के साथ वोट पड़ेंगे। मतदान को प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी लेकर प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जिला प्रशासन ने मतदान केन्द्रों तक सड़कें बनाने और वहां तक सारी सुविधाएं पहुंचाने का काम पूरा कर लिया है। चुनाव को लेकर सुरक्षा बलों की 98 कंपनियां यहां पहुंच चुकी हैं।
125 मतदान केंद्रों में मोबाइल कलेक्टिविटी नहीं
इन कंपनियों के दस हजार से ज्यादा जवानों को क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को लेकर प्रारंभिक प्रशिक्षण देकर मौके पर रवाना कर दिया गया है। राजनांदगांव जिले के 125 मतदान केन्द्रों में मोबाइल या टेलीफोन कनेक्टिविटी नहीं है।
निर्वाचन आयोग ने हर मतदान केन्द्र से प्रत्येक दो घंटे में चुनाव को लेकर अपडेट लिए जाने के निर्देश दिए हैंं। प्रशासन ने कनेक्टिविटी विहीन इन केन्द्रों को लेकर हरकारे की व्यवस्था की है। इन केन्द्रों से पास के संपर्क वाले केन्द्र तक सूचना पहुंचाने के लिए लोग तैनात होंगे। इस तरह सूचनाएं आगे बढ़ाई जाएंगी।
सड़कें हैं, पर चलना होगा पैदल
जिले के राजनांदगांव विधानसभा सीट को छोड़कर बाकी पांच सीटों को माओवाद प्रभावित माना जा रहा है लेकिन माओवादियों के सबसे ज्यादा असर वाले इलाके मोहला-मानपुर में सुरक्षित चुनाव कराना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। इस इलाके के कई मतदान केन्द्र ऐसे चिन्हांकित किए गए हैं, जिन तक पहुंचने के रास्ते माओवादियों के प्रभाव वाले हैं।
12 किमी. तक का सफर
पुलिस प्रशासन ने इस इलाके तक मतदान केन्द्रों तक मतदान दलों को पहुंचाने पैदल चलने की रणनीति तैयार की है। हालांकि जिला प्रशासन ने तकरीबन सभी केन्द्रों तक वाहनों की पहुंच सुनिश्चित कर ली है लेकिन सुरक्षा के लिहाज से कई जगह पर वाहन इस्तेमाल नहीं किए जाएंगे। पुलिस के सूत्रों के अनुसार मतदान केद्रों को दस से १२ किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ सकता है। ऐसे कितने और कौन से केन्द्र हैं, उनके नाम सुरक्षा कारणों से गोपनीय रखे गए हैं।
Published on:
03 Nov 2018 10:53 am
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