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पांडादाह में पीएम आवास में गड़बड़ी, सीएम से शिकायत

कार्रवाई की मांग
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राजनंदगांव

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Nakul Ram Sinha

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Updated: 1 Jul 2018, 4:13 PM IST

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Prime Minister Housing Scheme

राजनांदगांव / खैरागढ़. ब्लाक के ग्राम पंचायत पांडादाह में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी गडग़ड़ी का मामला सामने आया है। मामले में किसी और के नाम स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास को किसी और के लिए बनाने का मामला सीएम दफ्तर तक पहुंच गया है। मामले को लेकर हितग्राही ने सीएम जनदर्शन में आनलाईन शिकायत दर्ज कर सीईओ, तकनीकी सहायक और आवास मित्र पर कार्यवाही की मांग की है।

बरत रहे हैं लापरवाही
पांडादाह ग्राम पंचायत के शिवकुमार निषाद ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उसके नाम से आवास निर्माण की स्वीकृति मिली थी। लेकिन जनपद अधिकारियों ने उसके नाम से मिलते जुलते नाम वाले व्यक्ति का घर बनवा दिया। इस दौरान उन्होंने वस्तुस्थिति जानने का कोई प्रयास नही किया। जबकि मकान की स्वीकृति जिस शिव निषाद के नाम से हुआ था उसी के आईडी का उपयोग पूरी प्रक्रिया में होता रहा।

पिता का नाम ही गायब
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 16-17 में 3 हजार 96 आवास निर्माण की स्वीकृति मिली थी। जिसमें 3 हजार 17 आवास पूर्ण होना बताया जा रहा है। सूची में शिव निषाद भी शामिल है। जबकि उसे इसका लाभ पंचायत और जनपद की लापरवाही के चलते नही मिला है। मामले में अधिकारियों का कहना है कि 16-17 में स्वीकृ ति के दौरान शिव निषाद और शिव कुंभकार के पिता का नाम ही नहीं लिखा गया था। जिसके कारण पंचायत सचिव से चुक हुआ है। विभाग के उच्च अधिकारियों ने बताया गलती को सुधारते शिव निषाद का आवास बनाया जाएगा। जनपद पंचायत द्वारा योजना के क्रियान्वयन को लेकर अलग से टीम बनाई गई है। आवास मित्रों की नियुक्ति होने के बाद भी इतनी बड़ी लापरवाही सामने आई है। इस दौरान आवास निर्माण में विलंब को लेकर शिव निषाद के सवाल पर अधिकारियों द्वारा अगल अगल जवाब देकर गुमराह किया जा रहा है।

निर्माण की स्वीकृति मिली थी
शिव निषाद ने सीएम जनदर्शन में आनलाईन शिकायत कर सत्र 16-17 में उसके साथ-साथ शिव कुंभकार ने नाम से भी आवास निर्माण की स्वीकृति मिली थी। मामले में उसने सारे दस्तावेज पंचायत सचिव के पास जमा कर दिया था। लेकिन उसके आईडी में शिव कुंभकार का मकान बना दिया और वह अभी भी कच्चे मकान में रह रहा है। शिव निषाद ने बताया कि आनलाईन रिकार्ड और शासकीय दस्तावेजों में उसे योजना का लाभान्वित बताया जा रहा है। जबकि सीईओ, तकनीकी सहायक और आवास मित्र की लापरवाही के चलते वो इससे दूर है। शिव निषाद ने अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है।