
मासूम (पत्रिका सांकेतिक फोटो)
Crime News: समाज की नींव हिला देने वाला एक बेहद घिनौना और क्रूर मामला सामने आया है, जहां दुष्कर्म की शिकार एक नाबालिग बालिका से जन्मे मासूम बच्चे को उसके परिजनों ने लोक-लाज के डर से छिपाकर फर्जी दस्तावेज बनवाए और उसे भिलाई के एक दंपति को दत्तक ग्रहण के नाम पर सौंप दिया।
इस पूरे षड्यंत्र में एक डॉक्टर की कथित मिलीभगत सामने आई है, जिसने गलत अस्पताल का नाम बताकर जन्म प्रमाण पत्र बनवाया। बोरतलाव पुलिस ने दत्तक ग्रहण करने वाले दंपति रवि और मोना को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी डॉक्टर, बालिका के चाचा-चाची फरार हैं। बच्चे को अब बाल विकास समिति के समक्ष पेश किया गया है।
मामले की शुरुआत तब हुई जब बोरतलाव थाना क्षेत्र की एक नाबालिग बालिका से दुष्कर्म हुआ और वह गर्भवती हो गई। आरोपी नाबालिग को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। डिलीवरी का समय नजदीक आने पर बालिका के परिजनों ने सामाजिक लाज-शर्म के डर से गुपचुप तरीके से उसे राजनांदगांव के एक निजी अस्पताल में ले जाकर बच्चे का जन्म कराया। परिजन बच्चे को रखना नहीं चाहते थे। इस बात की जानकारी अस्पताल के डॉक्टर को मिली, जो कथित तौर पर दो अस्पतालों में सेवाएं देते हैं।
डॉक्टर ने बच्चे को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कराया और बालिका के चाचा-चाची के साथ मिलकर फर्जी जानकारी देकर नगर निगम से जन्म प्रमाण पत्र बनवा लिया, जिसमें बच्चे का जन्म कुमुद मोहबे अस्पताल में होने का झूठा उल्लेख किया गया, जबकि असली जन्म दूसरे अस्पताल में हुआ था। इस दिशा में भी पुलिस की ओर से जांच की जा रही है।
फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनने के बाद चाचा-चाची ने बच्चे को भिलाई के दंपति रवि और मोना को दत्तक ग्रहण के नाम पर सौंप दिया। यह पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के बिना, छिपाकर की गई, जो दत्तक ग्रहण नियमों का खुला उल्लंघन है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि दंपति को बच्चे की असली पृष्ठभूमि के बारे में गुमराह किया गया था।
यह मामला न केवल दुष्कर्म की क्रूरता को उजागर करता है, बल्कि समाज में व्याप्त लोक-लाज के नाम पर बच्चों के अधिकारों की कुर्बानी और फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपराध को अंजाम देने की खतरनाक प्रवृत्ति को भी बेनकाब करता है। नाबालिग पीडि़ता पहले से ही ट्रॉमा झेल रही है, अब उसके बच्चे की जिंदगी भी दांव पर लग गई।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद सभी दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें धारा 376 (दुष्कर्म), पॉक्सो एक्ट, जालसाजी और दत्तक ग्रहण नियमों के उल्लंघन सहित अन्य धाराएं शामिल हैं। पुलिस की टीम मामले की जांच कर रहे हैं। इस प्रकरण में अन्य आरोपी भी सामने आएंगे। पड़ताल जारी है।
Published on:
12 Jan 2026 04:27 pm
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