
कब्र खोदकर निकाला महिला कांस्टेबल का शव, हत्यारे ने की थी ऐसी बेरहमी कि रूह कांप जाए...पढि़ए पूरी खबर
राजनांदगांव. अंबागढ़ चौकी थाना में पदस्थ रही महिला आरक्षक के हत्यारे व कटे सिर का शिनाख्ती के दो दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है। हालांकि पुलिस हर पहलुओं पर जांच कर मामले का जल्द खुलासा करने का दावा कर रही है, लेकिन एक भी क्लू नहीं मिलने से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।
बागदई नदी में तैरते हुए मिली थी सिर कटी लाश लाश
गौरतलब है कि 23 अगस्त को बागदई नदी में एक अज्ञात महिला की सिर व हाथ-पैर कटी नग्न अवस्था में लाश तैरते हुए मिली थी। पुलिस मर्ग कायम कर विवेचना में जुट हुई थी। सोमवार को शव की पहचान अंबागढ़ चौकी थाना में पदस्थ आरक्षक आरती कुंजाम पिता शिवबालक के रुप में हुई। आरक्षक की हत्या बड़ी बेरहमी से सिर व हाथ -पैर को काट कर की गई है। पुलिस अपने ही विभाग के महिला आरक्षक के हत्या के मामले में उलझ कर रह गई है।
कब्र ये निकाली गई थी लाश
नदी में तैरते हुए लाश को पुलिस ने लावारिस समझकर दफना दिया था। जैसे ही आरती के परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई तो पुलिस का शव आरक्षक का होने का संदेह हुआ। उसी आधार पर पुलिस ले फिर से कब्र खुदवाया। पिता ने बताया कि उनकी बेटी के हाथ और पैर में रॉड लगा हुआ था। जांच में रॉड मिलने के बाद ही पुष्टि हुई की नग्न, सिर कटी लाश उनकी बेटी आरक्षक आरती कुंजाम की है।
करीबियों का हो सकता है हाथ
आरक्षक आरती के हत्या के मामले में उसके कोई करीबियों के ही हाथ होने का अनुमान लगाया जा रहा है। आरती 21 अगस्त सुबह 9 बजे तक थाना में ही मौजूद थी। इसके बाद वह कई चली गई और इसकी सूचना उसने अपने परिजनों को भी नही दिया था। इससे जाहिर होता है कि आरती अपने किसी पहचान वाले के साथ ही कई गई होगी।
कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस
फिलहाल आरती के मोबाइल का काल डिटेल व सीडीआर को खंगाल रही है। वहीं कटे सिर का भी अब तक पता नहीं चला है। एसपी कमल लोचन कश्यप ने बताया कि महिला आरक्षक के हत्या के मामले में एक्सपर्ट टीम जांच में लगी हुई है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच जारी है। एक दो दिन में मामले का खुलासा होने की उम्मीद है।
Published on:
30 Aug 2018 02:07 pm
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