
राजनांदगांव. छुईखदान क्षेत्र की एक जिला पंचायत सदस्य के पति के खिलाफ क्षेत्र के ग्राम भीमपुरी की एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ करने और अश्लील हरकत करने का मामला सामने आया है। मामले में छुईखदान पुलिस द्वारा रिपोर्ट नहीं लिखने और कार्रवाई नहीं करने की शिकायत पीडि़त पक्ष ने एसपी से की है।
उधर छुईखदान पुलिस का कहना है कि इस मामले में दूसरे पक्ष ने भी पुलिस में आवेदन देकर कहा है कि उनके खिलाफ झूठी शिकायत की जा रही है। ऐसे में वे पहले मामले की जांच कर रहे हैं। एसपी ने जांच का आश्वासन पीडि़त पक्ष को दिया है। छुईखदान थाना क्षेत्र के भीमपुरी गांव की निवासी एक नाबालिग लड़की ने आज यहां पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एसपी को आवेदन देकर अपने साथ हुई घटना के मामले में कार्रवाई की मांग की है।
एसपी को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि क्षेत्र के स्वरूप पिता दसीराम वर्मा ने उसके साथ अश्लील हरकत की है लेकिन छुईखदान पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। पीडि़ता ने उसकी शिकायत पर कार्रवाई की मांग की है। लड़की ने अपनी शिकायत में जिस व्यक्ति पर आरोप लगाया है, वह क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य के पति हैं। पीडि़ता के साथ एसपी के पास गांव की मितानीन सरस्वती राजपूत भी पहुंची थी। उसने कहा कि वह घटना की प्रत्यक्ष गवाह है और गांव में वर्मा ने आतंक मचा रखा है। मितानीन ने तो आरोपी को लेकर और भी गंभीर आरोप लगाए।
पीडि़ता की शिकायत में यह
पीडि़ता ने अपनी शिकायत में कहा है कि तीन जनवरी को खेत जाते वक्त आरोपी ने उसे रोककर अश्लील हरकत की और उससे छेड़छाड़ किया। इसका विरोध करने के बाद वह अपने घर आ गई और इसके बाद परिजनों के साथ छुईखदान थाना पहुंचकर मामले की शिकायत की। एसपी को दिए गए आवेदन में कहा गया है कि उनकी शिकायत के बाद छुईखदान पुलिस ने गांव में जाकर मौके का निरीक्षण कर लिया है और उसने कई लोगों का बयान भी ले लिया है, लेकिन उसकी शिकायत पर रिपोर्ट नहीं लिखी जा रही है। पीडि़ता ने कहा कि उसे और उसके साथ गवाह देने वालों को आरोपी पक्ष की ओर से लगातार धमकी भी दी जा रही है।
पीडि़ता बार-बार बयान बदल रही: पुलिस
छुईखदान थाना प्रभारी संतराम सोनी ने इस मामले में कहा कि उन्होंने पीडि़ता की शिकायत के बाद गांव में जाकर जांच की तो एक भी ऐसा गवाह नहीं मिला, जिसने ऐसा होता देखा हो। सोनी ने कहा कि इसके अलावा पीडि़ता भी लगातार अपना बयान बदलती रही। ऐसे में अभी वे किसी निष्कर्ष में नहीं पहुंचे हंै।
पीडि़ता के नाबालिग होने और उसके थाने पहुंचने पर तुरंत पाक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज नहीं करने की बात पर थाना प्रभारी ने कहा कि चूंकि पीडि़ता और दूसरा पक्ष एक साथ थाने पहुंचा था और उसने इस तरह की शिकायत को झूठा बताया था, ऐसे में उन्होंने रिपोर्ट लिखने के बजाय पहले जांच करना सही समझा। हालांकि थाना प्रभारी ने कहा कि वे इस संबंध में वरिष्ठ अफसरों से मार्गदर्शन लेकर कार्रवाई करेंगे।
उठ रहे यह सवाल
0 नाबालिग की रिपोर्ट पर पुलिस को तुरंत पाक्सो एक्ट के तहत मामला कायम करना पड़ता है लेकिन पुलिस ने दोनों का आवेदन आने का हवाला दिया जबकि यह संभव नहीं कि दोनों एक ही वक्त में थाने पहुंचे हों।
0 पुलिस गांव में जाकर बयान लेने की बात कर रही है लेकिन पीडि़ता के पक्ष में बोलने वाली मितानीन की बात को गंभीरता से न लेकर घटना से इंकार करने वालों की बात को तवज्जो दी जा रही है।
0 इस घटना की रिपोर्ट न होने देने के लिए खैरागढ़ के एक नेता का दबाव होने का मामला सामने आ रहा है।
छुईखदान पुलिस भी कह रही है कि मामला राजनीतिक लग रहा है। ऐसा पुलिस को क्यों कहना पड़ रहा है।
दो महीने पहले युवक के साथ पकड़ा
खुद पर लगे आरोप को बेबुनियाद बताते हुए वर्मा ने उल्टे पीडि़त नाबालिग लड़की पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसे करीब दो महीने पहले एक युवक के साथ पकड़ा गया था और इसके बाद उसे भीमपुरी पंचायत और फिर उसके समाज की ओर से दंड लगाया गया था, जिससे नाराज होकर उसके परिजनों ने उसके खिलाफ ऐसा झूठा मामला तैयार किया है। वर्मा ने कहा कि घटना दिनांक को वो गांव में जरूर था लेकिन उस लड़की से दो सौ मीटर दूर ही था। उसके पास गया ही नहीं।उन्होंने कहा कि यह उनको बदनाम करने की कोशिश है।
एसपी राजनांदगांव प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि छुईखदान क्षेत्र की एक नाबालिग ने शिकायत का आवेदन दिया है। इस संबंध में संबंधित थाने में पता किया जाएगा कि क्या मामला है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी छुईखदान संतराम सोनी ने बताया कि मामले में दोनों पक्ष ने आवेदन दिया है। इसलिए मौके पर जाकर जांच की गई है। अब वरिष्ठ अफसरों से मार्गदर्शन लेकर मामले में यथोचित कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
09 Jan 2018 11:32 am
Published on:
09 Jan 2018 11:07 am
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