
राजनांदगांव. समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में अब सिर्फ पखवाड़ा भर बचा है और जिले में सिर्फ 26 लाख क्विंटल धान की खरीदी हुई है। सूखे और फिर धान खरीदी के दौरान ऋण की वसूली को कम आवक का कारण माना जा रहा है।
हालत यह है कि पखवाड़ा भर पहले ही जिले के 32 से अधिक खरीदी केन्द्रों में धान की आवक बंद हो गई है। कई किसानों द्वारा कर्ज कटौती के डर से समर्थन मूल्य में धान की बिक्री नहीं की जा रही है। गौरतलब है कि इस साल समर्थन मूल्य में धान बेचने के लिए जिले भर में 1 लाख 31 हजार किसानों ने अपना पंजीयन कराया था।
जिले में 15 नवम्बर से समर्थन मूल्य में धान खरीदी की शुरुआत हुई है। 19 जनवरी तक सिर्फ 79 हजार 196 किसानों द्वारा 26 लाख 63 हजार क्विंटल धान की बिक्री की गई है। पिछले साल इस तिथि तक लगभग 40 लाख क्विंटल की खरीदी हो चुकी थी लेकिन इस साल अकाल की वजह से किसानों का उपज नहीं होने से यह आंकड़ा पिछले साल की अपेक्षा आधा भी नहीं है।
26 लाख की खरीदी
15 नवंबर से 19 जनवरी तक 2 माह में समर्थन मूल्य में सिर्फ 26 लाख 63 हजार क्विंटल की ही खरीदी हुई है जिसमें किसानों की संख्या 80 हजार के आस-पास है। मिली जानकारी के अनुसार आने वाले दो चार दिन में जिले के आधे से अधिक खरीदी केन्द्रों में धान की आवक बंद हो सकती है जबकि खरीदी का अंतिम तिथि 31 जनवरी है। ईई सहकारी सोसाइटी एनके दिल्लीवार ने बताया कि धान की आवक नहीं होने से जिले के लगभग 32 केन्द्रों में खरीदी नहीं हो रही है। इस साल सूखे की वजह से धान की पैदावारी में कमी आर्ई है।
किसानों के पास कुछ नहीं बचा
सूखे के बाद भी इस साल कर्ज कटौती में शासन द्वारा किसी प्रकार की राहत नहीं दी गई। कर्ज कटौती से समर्थन मूल्य में धान बेचने वाले किसानों के पास कुछ नहीं बचा। इसकी वजह से भी कई किसानों द्वारा समर्थन मूल्य में धान बेचने के बजाय मंडी में व कोचियों के पास बड़ी मात्रा में धान की बिक्री की गई है। अक्टूबर से 14 जनवरी तक मंडी में 4 लाख के क्विंटल के आस-पास धान की खरीदी हुई है।
खरीदी शुरु 15 नवम्बर
खरीदी केन्द्र 114
धान की आवक बंद 32 केन्द्रों में
अब तक की खरीदी 26 लाख 63 हजार क्विंटल
पिछले साल 40 लाख क्विंटल के आसपास
पंजीकृत किसान 1 लाख 31 हजार 131
Published on:
22 Jan 2018 11:40 am
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