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जनपद उपाध्यक्ष ने पशुपालकों से मुलाकात कर रखी मुआवजे की मांग

गाज गिरने से 86 बकरियों की हुई थी मौत
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राजनंदगांव

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Nakul Ram Sinha

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Updated: 17 Jul 2018, 12:26 PM IST

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जनपद उपाध्यक्ष ने पशुपालकों से मुलाकात कर रखी मुआवजे की मांग

राजनांदगांव / गंडई पंडरिया. वनांचल क्षेत्र पटपर गांव के जंगल में कल शाम लगभग 4 बजे के आसपास ठाकुरटोला से गर्रा भंडारपुर पटपर से 3 किलोमीटर घने जंगल में तेज बारिश होने पर चरवाहे ने सभी बकरियों को पेड़ के नीचे रखा। इस दौरान जोर से बादल गरजा और गाज गिरने से मौके पर लगभग 86 बकरियों की मौत ही गई।

रविवार १५ जुलाई को घटी थी घटना
मिली जानकारी अनुसार ग्राम पटपर से ३ किमी दूरी पर बकरी पालक दयालू पिता भुवन यादव व जगदीश पिता फिरन यादव ग्राम पटपर में १५० बकरियों को चराने के लिए जंगल ले गए थे। इसी दौरान रविवार २.३० बजे के आसपास तेज बारिश हुई, तो बकरियों को पेड़ के नीचे रखा गया था। इसी बीच आकाशीय बिजली गिरने से ८६ बकरियों की मौत हो गई। इस तरह दोनों ही बकरी पालक को आर्थिक क्षति हुई है।

घटनास्थल पर पहुंचे जनपद उपाध्यक्ष
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र के सक्रिय जनपद उपाध्यक्ष खम्हन ताम्रकार घटना स्थल पहुंचे जहां एसडीएम मतस्यपाल, तहसीलदार गुप्ता से सेल फोन पर बात करके पीडि़त किसानो को मुआवजा दिलवाने का आश्वासन दिया। पीडि़त किसानो में दयालु यादव पटपर 28, इकलेस यादव 28, जगदीश यादव 26, भागबती 3, दीनु यादव 1 बकरी की क्षति हुई।

मुआवजा दिलाने का दिया आश्वासन
छुईखदान विखं के जनपद उपाध्यक्ष खम्हन ताम्रकार पटपर से लगभग 3 किमी अंदर जंगल में पहुंचकर किसानों से चर्चा की एवं प्रति बकरी लगभग 3 हजार मुआवजा दिलवाने आश्वासन दिया। उनके साथ गर्रा के सरपंच रिंकी पुलत्स्य, सरपंच प्रतिनिधि मन्ना पुलत्स्य, मंडल उपाध्यक्ष भीखु हिरवानी, मोहन चिली, पुनाराम, मंगल, केदार, पलटन, परदेशी, देवसिंग, दिनेश, फगवा व पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप इंदुलकर अपनी टीम के साथ पोस्टमार्टम करने घटना स्थल पर उपस्थित रहे।

मुआवजा का है प्रावधान
नायाब तहसीलदार, प्रफुल्ल गुप्ता ने कहा कि आरबीसी 6(4) के तहत मुआवजा का प्रावधान है। पीडि़त परिवारों का प्रकरण तैयार कर उच्च अधिकारी के पास जल्द स्वीकृति के लिए भेजी जायेगी।