
रेल यात्री रहें सावधान! AI से एडिट कर बनाए जा रहे नकली ई-टिकट(photo-patrika)
CG Digital Ticket Scam: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में डिजिटलीकरण ने जहां रेल यात्रियों की सुविधाएं बढ़ाई हैं, वहीं इसके दुरुपयोग के मामले भी तेजी से सामने आ रहे हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल में AI तकनीक का इस्तेमाल कर फर्जी ई-टिकट तैयार किए जाने का गंभीर मामला उजागर हुआ है। हाल के दिनों में ट्रेनों में एक ही सीट के लिए दो से तीन यात्रियों द्वारा दावा किए जाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक दिलीप सिंह के निर्देश पर नागपुर मंडल में विशेष सतर्कता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 12 दिसंबर 2025 को गाड़ी संख्या 12833 में नागपुर–गोंदिया सेक्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात टीटीई इंद्रजीत ने टिकट जांच के समय दो यात्रियों को एक ही सीट पर दावा करते हुए पाया।
संदेह होने पर दोनों यात्रियों के ई-टिकट की जांच एचएचटी (हैंड हेल्ड टर्मिनल) उपकरण से की गई। जांच में एक टिकट वास्तविक पाया गया, जबकि दूसरा टिकट निष्क्रिय (फ्लश्ड) पीएनआर के आधार पर तैयार किया गया फर्जी ई-टिकट निकला।
पूछताछ में सामने आया कि फर्जी टिकट एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा उपलब्ध कराया गया था। संपर्क करने पर उसका मोबाइल नंबर बंद मिला। जांच में स्पष्ट हुआ कि फ्लश्ड पीएनआर का उपयोग कर ई-टिकट की पीडीएफ फाइल को डिजिटल रूप से एडिट किया गया और AI टूल्स की मदद से नकली टिकट तैयार किया गया था।
वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक दिलीप सिंह ने मंडल के सभी टिकट जांच कर्मचारियों (टीटीई/टीसी) को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि सभी ई-टिकट और एम-टिकट का एचएचटी से अनिवार्य रूप से सत्यापन किया जाए। किसी भी संदिग्ध या संशोधित डिजिटल टिकट को तुरंत फर्जी मानते हुए कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फर्जी टिकट के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यात्रियों से भी अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही टिकट बुक करें और किसी अनजान व्यक्ति से टिकट लेने से बचें।
Updated on:
16 Dec 2025 03:18 pm
Published on:
16 Dec 2025 03:17 pm
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