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रोजगार सहायक व पंचायत सचिव की मनमानी के चलते मनरेगा में कार्यरत 180 मजदूरों ने किया काम बंद

रोजगार कार्यक्रम अधिकारी व मनरेगा इंजीनियर स्थल का किया निरीक्षण

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Due to arbitrariness of employment assistant and panchayat secretary, 180 laborers working in MNREGA stopped work

रोजगार कार्यक्रम अधिकारी व मनरेगा इंजीनियर स्थल का किया निरीक्षण

राजनांदगांव / बेलगांव. समीपस्थ ग्राम रीवागहन में रोजगार गारंटी के तहत चल रहे काम में मजदूरों द्वारा रोजगार सहायक और पंचायत सचिव के मनमानी से नाराज होकर तालाब गहरीकरण के काम में लगे 180 मजदूरों ने काम बंद कर दिया और तालाब में ही इक_ा होकर रोजगार सहायक और पंचायत सचिव के खिलाफ हल्ला बोल दिया। मजदूरों द्वारा लिखित आवेदन बनाकर अनुविभागीय अधिकारी डोंगरगढ़ से शिकायत किया गया। लोगों से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम रीवागहन के तालाब में मनरेगा का काम पिछले 3 सप्ताह से चल रहा है। तालाब में काम करने वाले मजदूर बुधवार को सुबह अपने काम पर पहुंचकर काम करने लगे। रोजगार सहायक धीरपाल वर्मा वहां पहुंचे और मजदूरों के साथ दुव्र्यवहार करने लगे और मजदूरों को बोले कि 13 बाई 13 का लंबाई और चौड़ाई 1 फीट के गड्ढे के गोदी को दो मजदूरों द्वारा पूरा करने को कहा और खोदे गए मिट्टी को 150 मीटर से भी दूरी ऊंचे मेड़ में ले जाकर फेंकने को कहा। जिससे काम में लगे मजदूरों मे नाराजगी देखने को मिला। मजदूरों ने कहा कि मिट्टी फेंकने की दूरी बहुत ज्यादा है और एक गोदी की मिट्टी खोद कर फेंकना आसान नहीं है। काम करने वाले मजदूरों ने बताया कि 3 सप्ताह से तालाब में काम चल रहा है जिसमें एक गोदी को तीन या चार मजदूर द्वारा 13 बाई 13 के गोदी को वह पूरा करने को दिया जाता था। मगर आज रोजगार सहायक द्वारा 13 बाई 13 के गोदी को 2 मजदूर द्वारा पूरा करने को कहा जा रहा है और मिट्टी फेंकने की जगह भी दूर है, यह नहीं हो सकता। मजदूरों द्वारा मना किए जाने पर रोजगार सहायक वर्मा ने कहा कि जिसको काम करना है वह काम करें नहीं तो अपने अपने घरों में चले जाए। यह कह कर मजदूरों से अपशब्द भाषा का प्रयोग भी किया गया। जहां पुरुष मजदूरों के साथ साथ महिलाएं भी थी। इस पर मजदूरों के साथ विवाद हो गया।

फर्जी हाजरी भरने का खेला जा रहा खेल
तालाब गहरीकरण में काम करने वाले मजदूर मदनलाल, रामदास, टिकेश, बिरजू, विश्वनाथ, गणेश, खिलेश्वर, लेखराम, धनेश्वर, लालू वर्मा, आरती, बिरजा, सावित्री, लीला, नीतू, अंजलि, संगीता, खोरबाहरिन सहित सभी मजदूरों ने बताया कि गांव में एक ही जगह मनरेगा के तहत काम चल रहा है। जहां पर रोजगार सहायक द्वारा मनमानी किया जा रहा है। गहरीकरण में कुल 180 मजदूर काम कर रहे हैं जहां 9 मेट और 40 लोग रोजी में काम कर रहे हैं। मजदूरों का आरोप है कि जब से तालाब में रोजगार गारंटी के तहत काम हो रहा है तब से न तो रोजगार सहायक देखने को आया है और न ही पंचायत सचिव और आज गोदी में मनमानी कर रहे है। जो रोजी में काम कर रहे हैं उसमें ऐसे लोग भी हैं जो मिट्टी खोद सकते हैं। मगर रोजगार सहायक और सचिव के मनमानी के कारण जो लोग मिट्टी खोद सकते हैं वह रोजी में काम कर रहे हैं और जिनको रोजी में लगाना था वह मजबूरन मिट्टी खोद रहे हैं। सचिव और रोजगार सहायक के मिली भगत से मनरेगा में फर्जी हाजिरी भी भरा जा रहा है जिसको लेकर ग्रामीणों द्वारा कई बार रोजगार सहायक धीरपाल वर्मा के खिलाफ शिकायत किया जा चुका है मगर आज तक कार्रवाई नहीं हुआ है।

मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने ग्रामीणों को दिया आश्वासन
रोजगार सहायक के मनमानी को लेकर आक्रोशित मजदूरों ने विभाग के उच्च अधिकारी द्वारा जांच कराकर तुरंत रोजगार सहायक पद से हटाने की मांग किया जा रहा है। बुधवार को मजदूरों द्वारा काम बंद करने की शिकायत फोन के माध्यम से सीईओ ऑफिस डोंगरगढ़ में किया गया। मजदूरों की शिकायत को देखकर तुरंत रोजगार कार्यक्रम अधिकारी विद्या चंद्राकर और मनरेगा इंजीनियर अनिल सोनवानी द्वारा काम बंद किए मजदूरों के पास जाकर सभी मजदूरों के बातो को सुना और जहां गलती हुई है उसे सुधारने को कहा। रोजगार सहायक और सचिव को भी नियम के तहत काम करने को कहा और मजदूरों को समझा कर मामला को शांत कराने का प्रयास किया गया और जो मजदूर सुबह काम बंद करने से पहले गड्ढे खोदे हैं उसे नाप कर मजदूरी का पैसा दिलाने का आश्वासन दिया है।