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पानी की कमी से जोंधरा सहित अंचल के चालीस ग्रामों में बढ़ी अकाल की संभावना

सावन में भी सूखे हैं कुएं, तालाब व खेत-खलिहान

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पर्याप्त बारिश नहीं होने से अन्नदाता व ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।

राजनांदगांव / जोंधरा. पूरा सावन बीत जाने के बाद भी अब तक जोंधरा, खुज्जी, करमरी, उमरवाही, सीताकसा क्षेत्र के करीब चालीस ग्रामों में अब तक पानी की घोर समस्या बनीं हुई है। यद्यपि आसमान में काले बादलों ने यहां भी तीन दिन तक डेरा डाला, पर एक दिन भी इस तरह बारिश नहीं हुई है कि पानीं खेतों में ठहर सके। क्षेत्र के ग्राम जोंधरा, गुंडरदेही, गिदर्री, पांगरी, चांदिया, संबलपुर, बसरबसपुर, उमरवाही, धोबनी, गोटाटोला, बडग़ांव, गोड़लवाही, करमरी, महरूम, कलबडबरी सािहत करीब चालीस ग्रामों में पानी की समस्या अब भी बरकरार है। खेत तालाब, कुएं अब भी ज्यों के त्यों खाली पड़े हुए है। जोंधरा के कृषक सुंदर लाल दमगरें ने बताया कि जोंधरा में किसान अब तक बियासी नही कर पाया है। पानी से इस क्षेत्र में अब तक इतना ही गिरा है जिससे जमीन में नमी मात्र है। उन्होंने बताया कि आगामी सात दिवस के भीतर यदि क्षेत्र में पानी नही गिरा तो अकाल की सौ प्रतिशत संभावना है। उन्होंने बताया कि अब तक गांव में स्थित तालाबों, कुंओं में पानी नही ठहर पाया है। खेत-खलिहान भी पानी के अभाव में सूखे पड़े है।

विशेष योजना बनाने की मांग
उमरवाही के कृषक लक्ष्मीचंद जैन, भागीरथी राणा, राजकुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ग्राम में पानी को लेकर जिस तरह के हालात बन रहे है उससे लग रहा है कि किसी भी किसान का कोई भी फसल नही हो पाएगा। और भीषण आकाल की संभावना प्रबल होते दिखाई दे रहा है। वहीं समाजसेवी सीमा वर्मा, केमेश धरेन्द्र, जॉनीराम चौहान, देवनारायण साहू, लोकेश कुमार, सिद्धार्थ पिस्दा, धर्मेन्द्र पिस्दा, मनोहर साहू, लल्लाराम कन्नोजे, महेन्द्र साहू, आदि ने क्षेत्र में किसानों की स्थिति को देखते हुए शासन से इन ग्रामों के लिए पूर्व से ही विशेष योजना बनाने की मांग की है।

किसानों के चेहरे में छाई मायूषी
महरूम निवासी सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष मिथलेश ठाकुर ने बताया कि हमारे ग्राम में कुल कृषि भूमि ५०० एकड़ के करीब हेै पर सभी खेतों में पानी का अभाव है। किसान नमी युक्त खेतों में रिस्क लेकर बियासी कर रहे है। पानी ना आने की दशा में ये फसल पुन: खड़े होकर तैयार नही हो पाएंगे। गुंडरदेही के सरपंच सीआर खरे ने बताया कि मात्र गिनती के खेतों में थोड़ा बहुत पानी ठहरा है। दो-तीन दिन पानी नही गिरा तो फिर से खेतों में सूखे की स्थिति बन जाएगी। मासूलकसा के सरपंच पंचूराम पटौदी ने बताया कि क्षेत्र में पानी बूंदाबांदी ही आया है। इससे खेतों में चारों तरफ धान के बदले घास ज्यादा दिखाई दे रहा है। उन्होंने भी पंचायत मासूलकसा के आश्रित ग्राम आमाकट्टा, बावली और कारूटोला में अकाल की संभावना से इंकार नही किया है। चंदिया निवासी कुलेश्वरी साहू ने प्रतिनिधि को बताया कि ग्राम चंदिया में कुल कृषि भूमि ४२० एकड़ के करीब है पर पानी का इन खेतों में दूर-दूर तक नामोनिशान नही है।