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भारी वाहनों के चलते नगर का खेल मैदान हुआ खराब, आक्रोश

लगातार उपेक्षा का शिकार यह खेल मैदान में बाउण्ड्रीवाल की मांग
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राजनंदगांव

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Nakul Ram Sinha

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Updated: 21 Aug 2018, 11:12 AM IST

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शिकायत... शहर का एक मात्र खेल मैदान में ट्रक की आवाजाही से खिलाड़ी यहां खेल नहीं पा रहे हैं।

राजनांदगांव / गंडई पंडरिया. नगर का एक मात्र शासकीय हाईस्कूल का खेल मैदान स्कूल प्रबंधन के ढीले रवैये के कारण आज खदानों में तब्दील नजर आ रहा है। इस मैदान में युवा खिलाडिय़ों का खेलना प्रेक्टिस करना बंद हो गया है। नगर के युवा खिलाडिय़ों में अनवर बक्स, मनोज यादव, चेवेंद्र चक्रधारी, शुभम सेन, तेज कुमार सहित अन्य खिलाडिय़ों ने बताया कि अभी बरसात में सुबह-शाम कम से कम 50 युवाओ सहित युवतियां फुटबॉल सहित बॉलीबाल और क्रिकेट का अभ्यास करते है। इसी ग्राउंड में पुलिस भर्ती संबंधी नि:शुल्क फिजिकल गंडई पुलिस के द्वारा दिया गया था।

स्कूल प्रशासन का ढीला रवैया
अतिक्रमणकारियों के तानाशाही और हाईस्कूल प्रबंधन के ढीले और लापरवाही पूर्वक रैवये की वजह से यहां खेलना अब मुश्किल हो गया है। एक-दो दिन पहले अतिक्रमणकारी आवास योजना के तहत मकान बनाने में रेत, गिट्टी से भरे बड़े-बड़े हाइवा ट्रक को गीले ग्राउंड में घुसा दिए जाते है। जिसके कारण मैदान में 5 से 7 फिट गडढे हो गए है जबकि ग्राउंड से लगे हुए बाहर बड़े गेट है। जिसकी चाबी सिर्फ हाईस्कूल प्रबंधन के पास ही होती है। जबकि हम लोग खुद मैदान के अंदर जाने के लिए दीवाल कूदकर जाते है। हमे भी अभ्यास करने के लिए गेट की चाबी नही दी जाती है, तो इतना बड़ा गाड़ी कैसे अंदर चला गया।

पिछले साल युवाओं ने सुधार कार्य किये थे
ज्ञात हो कि पिछले वर्ष ही युवा नेता जनपद उपाध्यक्ष खम्हन ताम्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता सुधांशु यादव के नेतृत्व में रात्रिकालीन मैच का आयोजन संचालित किए थे। जिसमें खुद के बजट से मैदान की व्यवस्था सुधारा गया था। जहाँ फाईनल मैच में पूर्व सांसद व महापौर मधुसूधन यादव को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया गया था। उनके द्वारा इस खेल मैदान को मिनी स्टेडियम का स्वरूप देने की घोषणा सभी के सम्मुख मंच से किया गया था जो अभी तक पूरा नही हुआ है। जबकि इसकी स्थिति दिनों दिन और बिगड़ती जा रही है।

नेताओं का दबाव बना रहता है
प्राचार्य, एके देवांगन का कहा है कि जनभागीदारी समिति से अस्थाई तौर पर चौकीदार की नियुक्ति की है चूंकि मैदान में भारी वाहनों के प्रवेश पर ताला लगाने पर कई राजनीतिक पार्टियों के लोगों का दबाव भी बना रहता है। जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया है। मैदान की बाउंड्रीवाल कराने सांसद प्रतिनिधि देख कर गए है।

स्टीमेट बनाकर स्वीकृत के लिए भेजा गया है
सीएमओ, योगेश्वर उपाध्याय ने कहा कि इस संबंध में प्राचार्य से आमने-सामने बात करेंगे। मैदान के बाउंड्री के लिए आर्किटेक्ट आया था, लगभग 12 लाख का स्टीमेट बनाया है। स्वीकृति के लिए भेजा गया है।