12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अचार, पापड़ व बड़ी बनाकर की कमाई, आत्मनिर्भर बनी महिलाएं

समूह बनाकर आगे बढ़ी महिलाएं, अब बन चुकी हैं मिसाल

2 min read
Google source verification
system

लाभ... इस तरह कुटीर उद्योग लगाकर आर्थिक लाभ कमा रही हैं।

राजनांदगांव / खैरागढ़. कहते है हौसला अगर हो तो आसमान से भी तारे तोड़कर लाए जा सकते हैं, नामुमकिन लगने वाले कामों को मुमकिन बनाया जा सकता है। महिला स्वावलंबन की दिशा में शहर की महिला समूह मिशाल साबित हो रही है। महिला समूहों का गठन कर आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषण आहार निर्माण, वितरण, मध्यान्ह भोजन के संचालन के बाद खुद की मेहनत से लघु उद्योग लगाकर आर्थिक रूप से मजबूत और आत्म निर्भर बनने में कोई कसर नही छोड़ रही है।

२००४ में शिव साई महिला समिति का गठन
स्थानीय शिव मंदिर मार्ग में महिला समूह का गठन कर आत्म निर्भर बनने वाली त्रिवेणी पटेल भी इसमें शामिल है। 2004 में महिला समूह का गठन कर 15 महिला सदस्यों के साथ पापड़, बड़ी, अचार बनाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए कदम उठाने वाली पटेल आज पूरी तरह आत्म निर्भर महिला बन चुकी है। अपने निवास में पापड़, बडी, अचार के साथ सिलाई कढ़ाई का प्रशिक्षण भी दे रही है। शिव साई महिला स्वसहायता समूह के नाम पर बने समूह द्वारा लगातार सफलता के सोपान तय करने के बाद पिछले आठ साल से स्थानीय शासकीय स्कूलों में मध्यान्ह भोजन निर्माण भी समूह द्वारा निरंतर किया जा रहा है।

लोन लेकर चलाई चक्की
समूह ने आत्म निर्भर बनने के लिए किसी भी योजना का पूरा लाभ लेने की ठानी। आठ वर्ष पूर्व स्टेट बैंक से तीन लाख रूपये का लोन लेकर घर में चक्की डाली जिसमे गेहूँ, दाल सहित मिर्च मसाल पिसाई का कार्य आज भी जारी है जबकि समूह द्वारा लोन की पूरी अदायगी कर दी गई है। पिछले तीन सालों से समूह की महिलाएं त्रिवेणी पटेल की अगुवाई में आंगनबाड़ी केन्द्रों में रेडी टू ईट के तहत दिए जाने वाले पोषण आहार का स्वयं निर्माण और वितरण भी सफलता के साथ कर रही है।

लोन लेकर लगाया रोस्टर मशीन
त्रिवेणी पटेल ने महिला स्वावलंबन को नही छोड़ा और अब स्वयं के व्यय पर पंजाब नेशनल बैंक की स्थानीय शाखा से तीन लाख रूपये से अधिक का लोन लेकर घर में मुर्रा, चना, लाई फोंडऩे की मशीन स्थापित की है। शहर सहित आसपास ऐसी मशीन की फिलहाल व्यवस्था नही है जिसके कारण आर्थिक लाभ कमाने बेहतर तरीका अपनाते कार्य में 5 परिवारो को भी शामिल किया गया है। रोस्टर मशीन चलाने पांच लोगों को रोजगार मिला है साथ ही लघु उद्योग की शुरूआत भी की गई है। रोस्टर मशीन का शुभारंभ करने पहुँचे महिला बाल विकास अधिकारी एसएन राजपूत ने भी महिला समूह सहित पटेल की स्वावलंबी कार्यो की तारीफ करते इसे महिला स्वावलंबन की दिशा में बेहतर कदम बताते कहा कि महिलाएँ ऐसा दृष्टिकोण रखे तो स्वालंबन की योजना फलीभूत होगी।