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चार बहनों ने पिता की अर्थी को दिया कांधा

कोई पुत्र नहीं होने के कारण चारों बेटियों ने अपने पिता को कंधा देकर अंतिम बिदाई दी। भंवरमरा में बेटियों अपने पिता के अर्थी को कंधा देने का मामला पहली बार देखने को मिला

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बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ शासन का नारा आज ग्राम भंवरमरा में सार्थक होता दिखा। जब वहां एक ग्रामीण की मौत के बाद उनकी चार बेटियों ने मिलकर पिता को कांधा दिया। क्योंकि उनका कोई बेटा नहीं है। यह मार्मिक दृश्य देखकर गांव के लोग अपने आंसू नहीं रोक पाए।

ज्ञातव्य है कि भुनेश्वर साहू का दो दिन पहले निधन हो गया। मानस गान के आयोजन मे भोजन व्यवस्था का सहयोग देने वाले भुनेश्वर साहू के परिवार में उनकी धर्मपत्नी गोमती साहू के अलावा चार पुत्री क्रमश: शशिकला, रामेश्वरी, बिंदु साहू, सुधा साहू हैं।

उनके कोई पुत्र नहीं होने के कारण चारों बेटियों ने अपने पिता को कंधा देकर अंतिम बिदाई दी। भंवरमरा में बेटियों अपने पिता के अर्थी को कंधा देने का मामला पहली बार देखने को मिला। उनके निधन के बाद अंतिम संस्कार से लेकर अन्य कामकाज के लिए श्रीराम मानस मंडली एवं ग्रामीणों द्वारा आर्थिक सहयोग किया जा रहा है, जो आनुकरणीय है। इसे लेकर जिला साहू संघ के अध्यक्ष भागवत साहू और जिला साहू संघ के महामंत्री नीलमणि साहू सहित अन्य पदाधिकारीयों ने और समाज के लोगों ने सराहना की है।


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