
बेहतर उत्पाद और निर्माण के बाद विभाग ने पंजीयन के लिए शासन को भेजा
राजनांदगांव / खैरागढ़. खैरागढ़ में महिला सशक्तिकरण का पर्याय बन चुकी तीन महिला स्व सहायता समूहों द्वारा निर्माण किए जाने वाले देशी सामाग्रियां अब आन लाइन भी उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध होगी। रेडी टू ईट का संचालन कर रही तीन महिला समूहों द्वारा देशी आचार, पापड़, सेवई, मसाले, दलिया, बड़ी, बिजौरी सहित छत्तीसगढिय़ा सामान फरा, चिला, ठेठरी, खुरमी, लाडू जैसे आयटम अब Online में भी मिलेंगे। विकासखंड स्तर पर महिला बाल विकास विभाग द्वारा आनलाइन चलने वाले ई हाट बाजार में पंजीयन के लिए शासन को तीन समूहों के नाम पंजीयन कराने प्रेषित किए गए है। समूहों का पंजीयन ई हाट में होते ही इनके सामान आनलाइन उपलब्ध होंगे। ब्लाक में ऐसा पहली बार होगा कि यहां बने सामान आनलाइन बिकेंगे।
ई मार्केटिंग बड़ा प्लेटफार्म
ई महिला हाट बाजार आनलाइन ई मार्केटिंग का बड़ा प्लेटफार्म है। यहां पंजीकृ त संस्थाओ के देशी उत्पादों का क्रय विक्रय आनलाइन से होता है। इस आनलाइन मार्केटिंग में सभी प्रकार की संस्थानों के साथ महिला स्व सहायता समूह और अन्य महिला संगठन काफी सक्रिय है। ई हाट बाजार से आनलाइन सिस्टम में नए बाजार का निर्माण होता ही है। नए उपभोक्ताओं को सस्ते दर पर सामाग्री भी उपलब्ध हो रही है।
3 समूहों के सामानों की होगी बिक्री
महिला बाल विकास विभाग द्वारा इलाके में कार्यरत मां भगवती महिला स्व सहायता समूह संडी, शिवसाई स्व सहायता समूह सहसपुर तथा श्रद्धा साई महिला स्व सहायता समूह खैरागढ़ का ई महिला हाट बाजार में पंजीयन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। ई हाट में पंजीयन के बाद समूहों के बनाए गए सामान आनलाइन लोगों के लिए उपलब्ध हो जाएंगे। समूहों को भी आनलाइन तरीके से सामान बिक्री का नया अनुभव मिलेगा साथ ही अन्य निर्माण नही होने वाले सामानों की जानकारी लेकर समूह इस क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे। पंजीयन में समूहों की जानकारी, सदस्यों द्वारा किए जा रहे क्रियाकलापों का विवरण भी प्रेषित किया गया है। भगवती स्वसहायता समूह खाद निर्माण, शिवसाई महिला समूह पापड़, आचार, मसाले महिला सशक्तिकरण सहित अन्य निर्माण कार्य से जुड़ी है, श्रद्धा साई समूह भी इसी क्षेत्र में अग्रसर है।
शिव साई महिला समूह बनी आदर्श ईकाई
सहसपुर की शिवसाई स्व सहायता समूह महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा उदाहरण बन चुका है। महिलाओं को रोजगार के प्रशिक्षण नि:शुल्क उपलब्ध कराने के साथ विभिन्न स्थानों में स्टाल लगाकर छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को लोगों तक पहुंचाने में जुटी है। समूह द्वारा महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने मसाला निर्माण के साथ पापड़, बड़ी, बिजौरी, आचार, सहित ऐसे व्यंजन भी बनाए जाते है जिन्हे लोग काफी पसंद करते है। छत्तीसगढिय़ा व्यंजनों में चीला, फरा, चौसेला, अरसा, सलोनी, ठेठरी, खुरमी, लाडू, चटनी, दलिया जैसे व्यंजनों को शासन स्तर पर लगाए गए स्टालों में भी खूब वाहवाही मिली है।
अग्रिम कार्रवाई के लिए शासन को प्रेषित
महिला बाल विकास अधिकारी खैरागढ़, सोमनाथ राजपूत ने कहा कि ब्लाक की तीन महिला समूहों द्वारा व्यंजनों का बेहतर निर्माण लगातार किया जा रहा है। इन तीन समूहों का ई हाट में पंजीयन के लिए अग्रिम कार्रवाई कर शासन को प्रेषित किया गया है। वहां बेहतर प्लेटफार्म मिलने से समूहों को बड़ा लाभ होगा ही अन्य समूहों द्वारा किए जा रहे प्रयासों में भी तेजी आएगी।
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Published on:
24 Jun 2019 05:06 am
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