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शासकीय कार्यों में रोड़ा बनने वाली प्रधानपाठिका हुई निलंबित

बच्चों से भी दुव्र्यवहार की शिकायत, जांच के बाद हुई कार्रवाई

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मामला... शासकीय कन्या पूर्व माध्यमिक शाला डोंगरगांव का है।

राजनांदगांव / डोंगरगांव. डोंगरगांव कन्या पूर्व माध्यमिक शाला के प्रधानपाठिका जयकुमारी खोब्रागड़े को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा निलंबित कर दिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने शासन द्वारा स्वीकृत शासकीय अंग्रेजी माध्यम शाला के संचालन के लिए की जा रही शासकीय तैयारी में व्यवधान डालने की कोशिश की।

छात्राओं को टीसी के लिए घुमाती है
यही नहीं स्कूल से अन्यत्र पढ़ाई के लिए टीसी मांगने वाले छात्राओं को टीसी देने से भी मना करती थी, जिसकी शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी से हुई थी और इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग की ओर से विभागीय जांच की गई थी। इन शिकायतों पर गंभीरता दिखाते हुए जिला शिक्षाधिकारी ने प्रधानपाठिका जयकुमारी खोब्रागढ़े को निलंबित कर उनके पद से भारमुक्त कर दिया। निलंबन अवधि में उन्हें बीईओ कार्यालय छुरिया में उनका मुख्यालय होगा और उनके तत्काल रिलीफ कर दिया गया है।

पालक संघ ने आपत्ति जाहिर की थी
जांच में इस बात की पुष्टि हुई थी कि शासन ने अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई के लिए शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल खोलने के लिए आदेश जारी किया था, जिसके परिपालन में स्थानीय कार्यालय में कन्या पूर्व माध्यमिक शाला के खाली भवन का चयन किया था लेकिन प्रधानपाठिका रहते हुए जयकुमारी खोब्रागड़े ने स्थानीय शिक्षा व्यवस्था अंतर्गत स्कूल को कमरा देने से मना किया।

शिक्षा विभाग ने माना व्यवधान
यही नहीं पालक संघ के फैसले का हवाला देते हुए अपने नियंत्रण क्षेत्र के स्कूल बिल्डिंग के उपयोग पर आपत्ति भी जाहिर की। जिसके बाद इंग्लिश मीडियम स्कूल का संचालन के लिए स्थल का संकट आ गया था। बाद में इस समस्या का समाधान निकाल लिया गया लेकिन प्रधानपाठिका के इस व्यवहार को शिक्षा विभाग में व्यवधान माना। यही नहीं अन्यत्र पढ़ाई के लिए जाने की चाह रखने वाले छात्राओं को प्रधानपाठिका द्वारा टीसी भी नहीं दिया जा रहा था, जिसे शिक्षा व्यवस्था में कदाचरण की श्रेणी में माना गया।