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लगाया अर्थदंड, जमा नहीं करने पर हुक्का-पानी बंद

वसूली में लगा ग्राम विकास समिति

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लगाया अर्थदंड, जमा नहीं करने पर हुक्का-पानी बंद

राजनांदगांव / खैरागढ़. ब्लाक केे ग्राम टोलागांव में एक किसान परिवार को ग्राम विकास समिति के आर्थिक दंड नहीं पटाने पर हुक्का-पानी बंद करने का फैसला सुनाया है। उल्लेखनीय है कि ग्राम विकास समिति में शामिल दबंग लोगों ने 25 मई रात में बैठक कर पूरे परिवार का हुक्का-पानी बंद करने का फैसला सुना दिया। हालांकि समाज के एक समूह ने बैठक में लिए गए निर्णय को नहीं मानते हुए परिवार के साथ बोलचाल बंद नहीं किया है। वही पीडि़त परिवार ने एसडीएम व पुलिस से लिखित शिकायत कर सुरक्षा के साथ न्याय की गुहार लगाई है।

टोलागांव निवासी दुलेश्वर पिता धर्मू साहू ने बीते साल धान की फसल बरबाद होने से बचाने के लिए पूर्णिमा के दिन गांव के ही चार पांच लोगों के साथ मिलकर अपने बोर पंप का सुधार करवा लिया। जिससे नाराज समिति सदस्यों ने दुलेश्वर सहित अन्य लोगों पर गांव का नियम तोडऩे का आरोप लगाते हुए अर्थदंड की सजा सुनाई। मामले में दुलेश्वर ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि गांव के अन्य किसानों को खेत खलिहान का काम करता देखकर उसने फसल बचाने की नियत से पंप का काम कराया था।
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सुनाया एकतरफा फैसला
लेकिन समिति ने उसे अनदेखा कर दिया और सभी पर आर्थिक दंड 350 रुपए प्रति के हिसाब से ठोक दिया। दुलेश्वर के अलावा सभी ने दंड राशि समिति के पास जमा भी करा दी, लेकिन दुलेश्वर अपनी बात पर अड़ा रहा, जिससे नाराज समिति के सदस्यों ने नोटिस जारी कर 25 मई की रात बैठक की जानकारी दी और बैठक में बिना कुछ सुने हुक्का-पानी बंद करने का एकतरफा फैसला सुना दिया। हालांकि दुलेश्वर साहू से संबंधित लोगों ने इस निर्णय का विरोध करते हुए दुलेश्वर के परिवार से बोलचाल जारी रखा है लेकिन समिति के इस निर्णय से परेशान पीडि़त ने जिलाधीश, एसडीएम, एसडीओपी और पुलिस से लिखित आवेदन देकर सुरक्षा की मांग है।

कानून से बड़ा मान रही समिति
मामले में दुलेश्वर का कहना है कि सरपंच पति देवेन्द्र साहू, उपसरपंच पीलेश्वर साहू, पंचपति पियोगादास साहू द्वारा अपने करीबियों को शामिल कर ग्राम विकास समिति का गठन किया गया है, जो ग्राम विकास को छोड़कर आर्थिक दंड और वसूली में ज्यादा ध्यान दे रही है। समिति सदस्यों के निर्णय का विरोध करने पर परिवार का हुक्का-पानी बंद करना और बोलचाल करने वालों पर दंड की धमकी देकर समिति तानाशाही करती है। नीतिगत निर्णय की अनदेखी कर समिति पूरा ध्यान उसे और उसके परिवार को परेशान करने में लगा रही है। दुलेश्वर ने नामजद शिकायत आवेदन देकर कानून और संविधान से बड़े होने का प्रयास करने वाले समिति सदस्यों पर कार्रवाई की मांग की है।