20 मार्च 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Maa Bamleshwari Temple: मां बम्लेश्वरी धाम में दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव, चढ़ाई और उतराई के लिए अलग रूट तय, जानें

Maa Bamleshwari Temple: मां बम्लेश्वरी मंदिर में दर्शन व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव लागू किया है।

2 min read
Google source verification
मां बम्लेश्वरी दर्शन व्यवस्था में बदलाव (photo source- Patrika)

मां बम्लेश्वरी दर्शन व्यवस्था में बदलाव (photo source- Patrika)

Maa Bamleshwari Temple: मां बम्लेश्वरी मंदिर में दर्शन व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव लागू किया है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और विशेष अवसरों पर होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए अब चढ़ाई और उतराई के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित कर दिए गए हैं। नई व्यवस्था से दर्शन व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुगम होने की उम्मीद जताई जा रही है।

नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालु अब मंदिर में दर्शन के लिए क्षीरपानी की ओर से सीढ़ियों के माध्यम से ऊपर जाएंगे। वहीं दर्शन के बाद नीचे उतरने के लिए पीछे की ओर स्थित मोटल साइड से अलग मार्ग का उपयोग करेंगे। इस प्रकार अब मंदिर आने और जाने के रास्ते पूरी तरह अलग कर दिए गए हैं, जिससे भीड़ का दबाव कम होगा और आवागमन आसान बनेगा।

मंदिर जाने का रास्ता

पूर्व में क्षीरपानी के पास से ही मंदिर जाने और वहीं से लौटने का रास्ता था। एक ही स्थान से चढ़ाई और उतराई होने के कारण भीड़ का अत्यधिक दबाव बनता था। जिससे अव्यवस्था और अफरा-तफरी जैसी स्थिति निर्मित हो जाती थी। अब चढ़ाई के लिए क्षीरपानी मार्ग और उतराई के लिए पीछे मोटल साइड का अलग रास्ता निर्धारित होने से भीड़ नियंत्रित हो रही है और श्रद्धालुओं को राहत मिल रही है।

हालांकि उतराई के बाद श्रद्धालुओं को मोटल साइड से लगभग 250 मीटर पैदल चलकर मुख्य मार्ग तक पहुंचना पड़ रहा है। इस मार्ग पर धूप और बारिश से बचाव के लिए मंदिर ट्रस्ट समिति द्वारा शेड की भी व्यवस्था की गई है, जिससे श्रद्धालुओं को अतिरिक्त सुविधा मिल रही है।

भंडारे के लिए 50 गैस सिलेंडर

वर्तमान समय में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते गैस सिलेंडरों की कमी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने विशेष तैयारी की है। डोंगरगढ़ मंदिर ट्रस्ट समिति को नवरात्र के दौरान प्रसादी और भंडारे के लिए 50 गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही आपात स्थिति में गैस की आपूर्ति बाधित होने पर लकड़ी और पारंपरिक चूल्हों के माध्यम से भंडारे की व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी भी की गई है। ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट की इस नई पहल को श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में दर्शन व्यवस्था और अधिक व्यवस्थित और सुचारु होने की उम्मीद है।

बड़ी खबरें

View All

राजनंदगांव

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग