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प्लास्टिक से बने सामान पर्यावरण के साथ मवेशी के लिए बन रहे अभिशाप

हो रहा नुकसान
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राजनंदगांव

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Nakul Ram Sinha

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Updated: 22 Jul 2018, 10:58 AM IST

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प्लास्टिक का सेवन कर मवेशी समय से पहले काल की गाल में समा रहे हैं।

राजनांदगांव / गंडई पंडरिया. सहुलियत और सामानों की पैकिंग के लिए बने कैरी बैग, खाद्य पदार्थों की पैकिंग के अलावा अन्य प्लास्टिक सामान पर्यावरण के साथ मवेशियों के लिए अभिशाप बन रहे हैं।

चारों तरफ फैले है प्लास्टिक कचरे
आज जिस ओर नजर दौड़ाये आपको केवल प्लास्टिक से बने सामानों के कचरे ही नजर आते हैं। बच्चों के चॉकलेट से लेकर महिलाओं की साडिय़ां तक सब कुछ आज प्लास्टिक में पैक करके ही बेचा जाता है। फेंके गए प्लास्टिक जमीन को बंजर बना रहे हंै, दूसरी तरफ इन्ही फेंके गये प्लास्टिक को गाय खाकर अपने आप को बीमार कर रही है। आज अधिकांश गायों के पेट में एक प्रकार का गोला उभरा हुवा नजर आता है जो कही न कही भविष्य में उसे मौत के तरफ ही ले जा रह है।

मदिरा प्रेमियों ने बढ़ाई परेशानी
विदित हो कि शराब प्रेमियों द्वारा शराब सेवन के लिए डिस्पोजल गिलास और पानी पाउच का उपयोग किया जाता है और ये शराबी कही भी सुनसान जगहों पर शराब का सेवन कर पानी पाउच और गिलाश को फेंक देते है जो पर्यावरण के लिए नुकसान दायक और गायो के लिए भोजन का काम करता है और यही भोजन बाद में मवेशी के लिए प्राण घातक सिद्ध होता है। दूसरी तरफ लोग छोटे से छोटा और बड़े से बड़ा समान लेने के लिए खाली हाथ ही चले जाते है और बाजार से केरी बेग में सामान भरकर ले आते है बाद में ये केरी बेग खुले में फेंक दिया जाता है जो पर्यावरण और मवेशी के लिए घातक सिद्ध होता है।


क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारीगण
सीएमओ नगर पंचायत गंडई, योगेश्वर उपाध्याय का कहना है कि पहले भी कैरी बैग मामले पर कार्यवाही किया गया है और आगे भी कार्यवाही किया जायेगा।
थाना प्रभारी गंडई, व्यास नारायण चुरेंद्र ने कहा कि थाना प्रभारी व्यास नारायन चुरेन्द्र से पूछने पर बताया कि गस्ती टीम को इस ओर सख्त निर्देश दिया जायेगा की यदि कोई सार्वजनिक स्थानों में मंदिरा सेवन करता है तो त्वरित कार्यवाही करे।
पशु चिकित्सक गंडई, डॉ.संदीप इंदुलकर का कहना है कि मवेशी के पेट में गोला होना उभार आना झिल्ली खाने का ही नतीजा है इससे गाय को बहुत सारा तकलीफ होती है और अंत में गाय की मृत्यु हो जाती है।