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सड़कों पर मवेशीराज, सालों से बंद पड़ी कांजी हाऊस में लगता है सटोरियों का जमघट

पालिका की उदासीन रवैया से नागरिक हलाकान

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शहर का कांजीहाउस देखरेख के अभाव में जर्जर पड़ा है।

राजनांदगांव / डोंगरगढ़. सड़कों पर आवारा मवेशियों का कब्जा बढ़ गया है, किसी भी रास्ते में मवेशियों का कब्जा आम बात हो गई है। यह सब नगर पालिका की उदासीन रवैया के चलते हो रहा है। क्योंकि बीते कई वर्षो से एकमात्र कांजी हाऊस बिना देखरेख के खंडहर में तब्दील हो चुका है और अब यहां पर सटोरी कब्जा जमा रहे है। असामाजिक तत्व कांजी हाऊस का गलत उपयोग कर रहे है। एक तरफ धरपकड़ नहीं होने से गौपालक अपने पशुओं को घर नहीं ले जा रहे और मवेशी दिन हो या रात सड़क में अपना कब्जा जमाएं रहते है। इन मवेशियों की वजह से कई बार बाइक सवार से लेकर फोर व्हीलर भी हादसे का शिकार हो चुके है। मवेशियों की वजह से हो रही लगातार हादसों के बावजूद पालिका सालों से बंद पड़े कांजी हाऊस को चालू करने सक्रिय नहीं है। बल्कि अब तो कांजी हाऊस के फिर से चालू होने की उम्मीद भी नजर नहीं आ रही।

कांजी हाऊस के कर्मचारी दफ्तर में मर्ज
कांजी हाऊस का संचालन बंद करने के बाद पालिका ने यहां पदस्थ कर्मचारियों को पालिका के अन्य कार्यों में मर्ज कर दिया है। जबकि कांजी हाऊस के लिए बकायदा दो कर्मचारियों की नियुक्ति होती थी। लेकिन बंद होने के बाद इसे दोबारा चालू करने सूध ही नहीं लिया गया। पांच साल पहले पकड़े गए मवेशियों की देखरेख के साथ-साथ रजिस्टर मेंटेन व नीलामी की राशि से पालिका को थोड़ी बहुत आय होती थी लेकिन कम आय के चक्कर में पालिका इसे दोबारा चालू करने रूचि नहीं ले रही।

कई क्षेत्रों में मवेशियों का कब्जा
आवारा मवेशी किसी भी समय रास्तों को कब्जा किए रहते है। ओवरब्रिज, खैरागढ़ काली मंदिर मोड़, गोल बाजार, सब्जी मंडी, जयस्तंभ चौक, बुधवारी पारा, रेलवे चौक व मुख्य सड़कों में बीचों-बीच मवेशियों का कब्जा रहता है। रात्रि के समय तो कई बाइक सवार गिरकर घायल हो रहे है। इसके बावजूद अब तक प्रशासन सख्त नहीं हुआ है। जिसे लेकर लोगों में आक्रोश है। शहर के कई गौ सेवक संगठन धरपकड़ अभियान में पालिका की मदद करना चाह रहे है लेकिन रखने की व्यवस्था नहीं होने से वे भी लाचार है।