
किसानों से बैंक ऋण ठगी मामले में भाजपा नेता पर अब तक नहीं हुई कोई कार्रवाई
राजनांदगांव / घुमका. पूरा साल बीतने को है और क्षेत्र के किसानों से कई लाख रुपए की ठगी के मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। पीडि़त किसान लगातार थानों के चक्कर काट रहे हैं और पुलिस तमाम व्यस्तताओं का हवाला देकर किसानों को कार्रवाई का आश्वासन मात्र दे रही है। खबरों के अनुसार विगत जून 2018 में घुमका थाना क्षेत्र के बिरेझर, चारभाठा, गोपालपुर, टेमरी, भादरा नवागांव जैसे कई गांव के गरीब किसानों को छूट वाले ऋण का झांसा देकर सैकड़ों किसानों से फर्जी ऋण आहरण करा कर पैसा झटक लेने का आरोप क्षेत्र के पूर्व जिला पंचायत सदस्य भाजपा नेता रेशम गायकवाड़ पर लगाया है।
10 माह में भी पूरी नहीं हो पाई जांच
मामले की जांच पुलगांव थाना प्रभारी के निर्देश पर अंजोरा चौकी प्रभारी महेंद्र सिंह के द्वारा की जा रही है और 8 से 10 महीने में जांच अब तक पूरी नहीं हो पाई है। विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव की व्यस्तता का हवाला देकर उक्त विवेचना अधिकारी द्वारा कुछ बयानों का बचा होना बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले में बैंक अधिकारी एवं उक्त दलाल एवं फर्जी ऋण हरणकर्ता कथित भाजपा नेता की संलिप्तता पाई जा रही है। बीते कुछ दिनों पहले इसी तरह के फर्जी ऋण मामले में 2 किसानों को बेवजह जेल भेजे जाने के बाद पूरे छत्तीसगढ़ में भूचाल आ गया था जिसके बाद प्रदेश के पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी ने छत्तीसगढ़ के सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को कड़ा पत्र जारी कर ऐसे दलाल एवं फर्जीवाड़ा करने वाले आरोपियों पर सख्त कार्रवाई किए जाने का निर्देश जारी किया है जिसके परिपालन में राजनांदगांव, दुर्ग जिले में ऐसे कई फर्जी दलाल आनन-फानन में जेल भी भेज दिए गए हैं। अब देखना यह है कि उक्त फर्जी मामले में अंजोरा पुलिस कब तक कार्रवाई करती है।
ऐसा है किसानों के साथ ठगी का मामला
जानकारी के अनुसार समीपस्थ दुर्ग जिले के रसमड़ा के केनरा बैंक की शाखा से कई किसानों के नाम पर फर्जी ऋण पुस्तिका और आधे अधूरे दस्तावेजों से लोन आहरण का मामला काफी सुर्खियों में छाया रहा। क्षेत्र के उक्त किसानों को गुमराह कर उक्त भाजपा नेता किसानों के नाम पर इस बैंक से फर्जी ऋण हरण कर लिया और किसानों के हाथ कुछ दिनों बाद कर्ज का तगादा नोटिस बैंक द्वारा मिलने लगा। तब जाकर किसानों को पता चला कि उनके साथ ठगी हुई है। उक्त मामले में बताया जाता है कि बैंक अधिकारियों की भी मिलीभगत है क्योंकि क्रेडिट कार्ड और अन्य ऋण के मामले में तमाम औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद ही पूरी तरह सत्यापन के बाद किसानों को ऋण दिया जाता है परंतु इस मामले में ऐसी किसी भी तरह की शर्तों का पालन नहीं किया गया। उल्टे कई किसानों के आधार कार्ड एवं मात्र फोटो से ही कथित तौर पर कूट रचित दस्तावेजों के सहारे कई लाख रुपए का ऋण निकालने का मामला सामने आया था।
किसानों ने लगाई थी कलक्टर व एसपी से गुहार
बैंक के नोटिस से परेशान किसान इस मामले को लेकर राजनांदगांव के कलक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारी घुमका को अपना शिकायत पत्र प्रस्तुत किया। मामले को लेकर घुमका पुलिस ने जांच शुरू भी किया परंतु पुलिस ने घटनास्थल पुलगांव थाना क्षेत्र का होना बता कर मामले को दुर्ग पुलिस अधीक्षक को सौंप दिया। जबकि पीडि़त किसानों के अनुसार पूरा मामला बिरेझर एवं भदेरा नवागांव जो घुमका थाने के तहत अपराध घटित होना बताते हैं। घुमका थाने में ही शिकायत प्रेषित किया गया था परंतु किसानों को यहां भी न्याय नहीं मिल पाया।
एक सप्ताह में होगी कार्रवाई
विवेचना एव जांच अधिकारी अंजोरा थाना जिला दुर्ग, महेंद्र सिंग ने कहा कि मामले की जांच चल रही है, कुछ व्यस्तताओं जैसे चुनाव आदि के कारण मामला अटका हुआ था। एक सप्ताह में मामले में निश्चित कार्रवाई होगी।
Updated on:
26 May 2019 09:35 pm
Published on:
27 May 2019 05:02 am
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