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पेपर मिल का धुआं हवा में घोल रहा जहर, ग्रामीण हो रहे हैं बीमार

शिकायतों के बावजूद कार्यवाही नहीं, प्रशासनिक चुप्पी क्यों?

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Paper mill smoke is poisoning in the air, villagers are getting sick

दिक्कत... मिल से निकलने वाले जहरीला धुंआ व धुंध बना कोहरे का कारण।

राजनांदगांव / डोंगरगांव. नगर के समीप व स्टेट हाईवे में एबीस फैक्ट्री के पीछे स्थित धनलक्ष्मी पेपर मिल से निकलने वाला धुआं व मिल प्रबंधन द्वारा अपशिष्ट पदार्थों को जलाने के कारण क्षेत्र के ग्राम अमलीडीह, बरसनटोला, झींका व सुखरी पहले से ही प्रभावित थे परन्तु अब प्रबंधन द्वारा बहुतायत मात्रा में अपशिष्ट पदार्थों को जलाने के कारण उठने वाला जहरीला धुआं अब ग्राम अर्जुनी, केसला व समीपवर्ती ग्राम आरी-कोनारी तक फैलने लगा है। हालात यह है कि देर शाम से ठंड बढ़ते ही उक्त जहरीला धुआं जिसमें विभिन्न प्रकार की जहरीली गैसों के मिश्रित होने की आशंका है वह धुंध व कोहरे का कारण बन जाता है। इससे स्टेट हाईवे में जाम की स्थिति आए दिन लगी रहती हैं। वहीं सुबह से इस प्रदूषित माहौल में डोंगरगांव, अर्जुनी व राजनांदगांव के स्कूलों व विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं के पढऩे वाले बच्चे आवागमन करते हैं जिसके चलते बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पढ़ रहा है।

क्या है वर्तमान स्थिति
सोमवार देर शाम से लेकर मंगलवार सुबह 10 बजे तक अमलीडीह से लेकर अर्जुनी के मध्य घने कोहरे व धुंध के कारण स्टेट हाईवे में जाम लग गया था। वहीं इस पांच किमी को पार करने के लिए बीस मिनट से भी अधिक का समय वाहन चालकों का लग रहा था और इस धुंध के प्रत्यक्ष संपर्क में आने वालों को उल्टी व श्वांस लेने में दिक्कत व अन्य स्वास्थ्यगत समस्या उत्पन्न होने लगी थी। इसकी शिकायत राहगीरों ने पुलिस व प्रशासन को की है। इस संदर्भ में क्षेत्रवासियों ने बताया कि धनलक्ष्मी पेपर मिल प्रबंधन के द्वारा अपशिष्ट पदार्थ जिसमें विदेशों का कचरा भी शामिल है को जलाए जाने के कारण जहरीला धुंआ उठता है जिसकी शिकायत अनेकों बार शासन प्रशासन स्तर पर किया गया है किन्तु जांच के नाम पर खानापूर्ति कर शिकायतों को नजरअंदाज कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। यह समझ से परे है कि मामले की पूरी जानकारी होने के बावजूद स्थानीय पुलिस व प्रशासन ने चुप्पी क्यों साध रखी है?

फिर हुई शिकायत
मंगलवार सुबह आवागमन बाधित होने राहगीरों व ग्रामीणों में जहरीले धुएं की वजह से तकलीफ बढऩे के कारण अनेक लोगों ने पुन: इसकी शिकायत पुलिस और प्रशासन से की है। इस संदर्भ में ग्राम झींका के ग्रामवासी व पंचायत प्रतिनिधि इसकी शिकायत को लेकर थाने पहुंचे थे। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में भी इसकी शिकायत की गई थी किन्तु शिकायत के दस दिन उपरांत दुर्ग के किसी अधिकारी के द्वारा चुपके से जांच कर मिल प्रबंधन को क्लीन चिट दे दी गई और समस्या जस की तस है। ज्ञात हो कि बीते तीन वर्षों से यह घटना बढ़ते क्रम में है, इसके चलते ग्राम बरसनटोला, झींका व सुखरी में एलर्जी ब्रोनकाइटिस व अस्थमा के मरीजों की संख्या बढ़ते क्रम में है।

जानिये क्या हो रहा था मौके पर
मंगलवार सुबह जब प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे तो जीरो परसेंट विजिबिलिटी के कारण आवागमन पूरी तरीके से बाधित था और वाहनों की लंबी लाईन ग्राम अमलीडीह से लेकर सुखरी के मध्य लगी थी।
केस 1 : स्कूल व सवारी बस के परिचालक बस के आगे पैदल चलकर रूट क्लीयर कर रहे थे। इस संदर्भ में स्कूल बस के कंडेक्टर ने बताया कि अक्सर यह स्थिति रहती है।
केस 2 : कार से राजनांदगांव निकले एक दंपत्ति आधे घंटे से भी अधिक धुंध व कोहरे के कारण फंसे रहे। इस दौरान महिला को श्वांस लेने में तकलीफ होने के कारण बाईक से डोंगरगांव वापस रवाना किया गया।
केस 3 : घने धुंध व धुएं के कारण निर्मित कोहरे से अनेक ट्रकों को चालकोंं ने गंतव्य में पहुंचाने के बजाए पार्किंग करना ही मुनासिब समझा और ट्रकों के पहिए घंटों थमे रहे।
केस 4 : एक शिकायतकर्ता सपत्निक राजनांदगाँव रेल्वे स्टेशन गए थे और लौटते समय जाम में फंसने से उनकी पत्नि धुंध व धुएं का शिकार हो गई व उन्हें डोंगरगांव शिफ्ट कर आक्सीजन चढ़ाकर उपचार किया गया।

क्या कहते हैं अधिकारी
नगर निरीक्षक डोंगरगांव शिवेंद्र राजपूत ने कहा कि पेपर मिल के संबंध में आवेदन प्राप्त हुआ है, धारा 133 के तहत इस्तगासा अग्रिम कार्यवाही के लिए एसडीएम के समक्ष पेश किया जाएगा, विधि अनुसार कार्यवाही की जाएगी।
एसडीएम डोंगरगांव, वीरेंद्र सिंह ने कहा कि मोबाइल से सूचना मिली थी, आवेदन भी प्राप्त हुआ है। उन्हें सोकास नोटिस जारी किया जा रहा है। जांच के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।