ओपीडी के आस-पास मरीजों के बैठने कुर्सियों और टेबल की व्यवस्था तो कर दी गई है, लेकिन काउंटर में महिलाओं, निशक्तजनों और बुजुर्गों को सुविधा देने कोई पहल नहीं की गई है। जबकि इनके लिए अलग से काउंटर देने का प्रावधान है। अलग से काउंटर नहीं होने के कारण भीड़ देखकर कई महिला मरीज तो बिना इलाज कराए ही लौट जाती हैं या फिर निजी अस्पतालों की शरण लेती हैं। बुजुर्गों का भी यही हाल है, जबकि यहां पेंशनर दवाइयां लेने और चेकअप कराने रोज आते हैं।