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स्कूली बच्चों से टाई बेल्ट के नाम से किया जा रहा है अवैध उगाही

छुरिया ब्लॉक में एक और मामला शिक्षा विभाग का

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school children

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राजनांदगांव/सड़क चिरचारी. विकासखंड शिक्षा अधिकारी छुरिया के अंतर्गत आने वाले संकुल केन्द्र चिरचारी कला के अधीन शालाओं में प्रभारी शिक्षक व प्रधानपाठक के द्वारा छात्रों से अवैध उगाही का मामला प्रकाश में आया है। इस संपूर्ण प्रकरण में बीईओ की संलिप्तता भी संदेह के दायरे में होना प्रतीत होता है। मिली जानकारी के अनुसार जन शिक्षा केंद्र चिरचारीकला के अंतर्गत प्राथमिक शाला सागर व बिजेपार में प्रत्येक छात्र-छात्राओं से टाई, बेल्ट एवं परिचय पत्र के नाम पर 55 से 80 रुपये तक अवैध उगाही का मामला सामने आया है। जबकि शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के अनुसार 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चों का अनिवार्य व नि:शुल्क शिक्षा का प्रावधान किया गया है लेकिन शासन के कतिपय नुमाइंदे अधिनियम का खुला माखौल उड़ा रहे है जिससे पालकों में काफी रोष व्याप्त है।

राशि लाने बच्चों पर बनाया जा रहा दबाव
ग्राम सागर व बिजेपार के ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से बताया कि प्रभारी शिक्षक व प्रधान पाठक द्वारा बच्चों से उक्त राशि स्कूल लाने का भारी दबाव बनाया गया जिससे पालक वर्ग अपने आप को परेशान महसूस करने लगे क्योंकि बच्चों द्वारा घर में उक्त राशि देने पर ही शाला जाने की जिद करने लगे और नही देने पर रो-रो कर परेशान किया जा रहा है। इस गतिविधि से पालकों को मानसिक पीड़ा हो रही है। ग्रामीणों ने आगे यह भी बताया कि शाला में जनभागीदारी समिति के द्वारा भी कोई बैठक या प्रस्ताव पारित नही किया गया है जिससे यह प्रतीत होता है कि प्रभारी शिक्षकों द्वारा मनमानी पूर्वक शाला का संचालन कर रहे है।

शिक्षकों को बच्चों से पैसे वसूलने मिली खुली छूट
उपरोक्त घटनाएं शिक्षा अधिकारी के संलिप्तता को भी उजागर करता है क्योंकि कुछ दिन पूर्व ही इसी कार्यालय से सभी शाला प्रमुखों को एक फरमान जारी हुआ था जिसमें छात्रों से 10 रुपये में परिचय पत्र बनवाने का निर्देश था लेकिन छोटी रकम में मोटी कमीशन का खेल नही हो पाया होगा। शायद यही वजह रही होगी कि उक्त दोनों प्रभारी शिक्षको को 55 से 85 रुपये वसूलने की खुली छूट उच्च अधिकारियों ने दी होगी। खैर यह तय जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि कमीशन एवं अवैध उगाही के इस खेल में किसका-किसका साथ है। फिलहाल कुछ कह नही सकते लेकिन इस तरह के अवैध रूप से राशि वसूलने पर अधिनियम का खुला उल्लंघन जरूर हुआ है। अब देखना ये है कि शिक्षकों के उक्त कृत्य पर क्या जांच कर दोषी शिक्षकों के ऊपर उचित कार्रवाई होती है या जांच प्रभावित कर पर्दा डालने का प्रयास किया जायेगा, यह समय के गर्त में समाया हुआ है।

बीईओ को नहीं है जानकारी
बीईओ छुरिया, लालजी द्विवेदी का कहना है कि इस प्रकार की जानकारी मुझे नही मिला है। ऐसा है तो अपने सीएससी को भेजकर पता करवाता हंू।