
प्रशासन को बंद करने के आदेश की वजह को सबूत सहित कोर्ट में करना पड़ेगा साबित
राजनांदगांव. डाक्टरों की लापरवाही से शुक्ला मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में युवक की मौत मामले में प्रशासन की कार्रवाई आदेश के खिलाफ में प्रबंधन ने कोर्ट से स्टे ले लिया है। ऐसे में अब स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन अस्पताल को किसी भी सूरत में बंद नहीं करा सकते हैं। इसके लिए प्रशासन को अपने कार्रवाई आदेश को कोर्ट में पहले कोर्ट में साबित करना पड़ेगा। अस्पताल प्रबंधन इसे यहां आस्था रखने वालों लोगों, मरीजों व कार्यरत कर्मचारियों की जीत मान रहा है। हालांकि इस मामले में अस्पताल के डाक्टर सहित चार कर्मचारियों पर बसंतपुर थाना में एफआईआर दर्ज की गई। इस मामले पुलिस जांच में जुटी है। ज्ञात हो कि अस्पताल में इलाज के दौरान बेलगांव निवासी २५ वर्षीय युवक पुलकेश साहू की मौत हो गई थी।
परिजनों ने मौजूद डॉक्टरों पर लगाया था लापरवाही का आरोप
इस मामले में परिजनों ने मौजूद डाक्टरों पर लापरवाही करने का आरोप लगाया था। मामले की स्वास्थ्य विभाग व प्रशासनिक टीम द्वारा जांच की गई है। जांच में स्पष्ट पाया गया था कि न्यूरो सर्जन नहीं होने के बाद भी यहां हेड इंज्यूरी के मरीज का लापरवाही पूर्वक इलाज किया गया और इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। इस पूरी रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को अस्पताल को सील करने का आदेश दिया था। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को ७ दिसंबर तक यहां भर्ती मरीजों को दूसरी जगह स्थानांतरित कर अस्पताल में इलाज बंद करने का नोटिस जारी किया था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने ७ दिसंबर से पहले ही कोर्ट स्टे आर्डर ले आया है।
न्याय मिलना चाहिए
इस मामले में मृतक के भाई पदमेश साहू का कहना है कि जांच में अस्पताल के खिलाफ ३० बिंदुओं में खामियां मिली है। मौजूद डाक्टर सहित स्टाफ की लापरवाही सामने आई थी। हम पुलकेश को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
Published on:
09 Dec 2019 10:44 am
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