
राजनांदगांव. संविलियन सहित नौ सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले सोमवार से बेमुद्दत हड़ताल कर रहे शिक्षाकर्मियों पर प्रशासन की बर्खास्तगी की नोटिस का असर होने लगा है। करीब छह सौ शिक्षाकर्मी काम पर लौट गए हैं। उधर अधिकांश शिक्षाकर्मियों ने आंदोलन को और तेज करने का फैसला कर लिया है। कल बुधवार से शिक्षाकर्मी क्रमिक भूख हड़ताल करेंगे। इधर बर्खास्तगी की नोटिस के बाद आगे की कार्रवाई के लिए जिला पंचायत अभी इंतजार कर रहा है।
शिक्षाकर्मी २० नवम्बर से हड़ताल पर हैं। हड़ताल के चलते स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो गई है। दूसरी ओर हड़ताल को गैरवाजिब बताते हुए प्रशासन ने काम पर वापस लौटने का नोटिस थमाने का काम शुरू कर दिया है।
नहीं लौटने पर सेवा से पृथक करने की चेतावनी दी जा रही है। कहीं कहीं इसका असर भी हो रहा है। करीब छह सौ शिक्षाकर्मी स्कूलों में लौट भी गए हैं, लेकिन अधिकांश अभी भी आंदोलन की राह पर हैं।
शिक्षाकर्मियों ने कल २९ नवम्बर से लेकर ३ दिन तक जिला और विकासखंड मुख्यालयों में क्रमिक भूख हड़ताल करने का फैसला लिया है। इसमें 5 पुरुष 5 महिला साथी शामिल होंगे। इसके बाद 2 दिसम्बर को प्रदेश के शिक्षाकर्मी परिवार सहित रायपुर में बूढ़ा तालाब के पास धरना स्थल में पहुचंगेे। वहां से संविलियन रैली निकालकर प्रदर्शन किया जाएगा।
लड़ाई में उनके आखिरी मुकाम तक साथ: दास
हड़ताली शिक्षाकर्मियों को समर्थन देने क्रमवार डोंगरगढ़, छुरिया, डोंगरगांव पहुंचे जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुरेन्द्र दास वैष्णव ने कहा कि वे भी एक शिक्षक के बेटे हैं और शिक्षाकर्मियों का दर्द समझ सकते हैं। जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने कहा कि पूरे जिले में जहां-जहां शिक्षाकर्मी हड़ताल पर बैठे है,ं वहां वहां वे जाएंगे और दमनकारी सरकार की नीतियों का आपके साथ हर कदम में खड़ा होकर मुंह तोड़ जवाब देंगे।
वैष्णव ने कहा कि प्रदेश सरकार सिर्फ और सिर्फ शिक्षाकर्मियों को झांसा दे रही है और बर्खास्त करने का ढोंग रच रही है। इस अवसर पर जिला कांगे्रस कमेटी के अध्यक्ष अलालीराम यादव, जिला पंचायत सदस्य महेन्द्र यादव, क्रांति बंजारे, छन्नी साहू, दिनेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांंग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
Published on:
29 Nov 2017 11:15 am
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