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एक माह से झेल रहा बहिष्कार का दंश

अधिकारियों से लगाई न्याय की गुहार

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एक माह से झेल रहा बहिष्कार का दंश

राजनांदगांव / खैरागढ़. ब्लाक के ग्राम देवारीभाठ में बीते महीने भर से बहिष्कार का दंश झेल रहे रामानंद वर्मा ने एसडीएम एवं एसडीओपी को ज्ञापन सौपकर न्याय की मांग की है। देवारीभाठ निवासी रामानंद वर्मा ने बताया कि पिछले पंद्रह सालों से गांव में ही सरकारी जमीन पर कच्चा मकान बनाकर मजदूरी के भरोसे पत्नि एवं दो छोटे बच्चों के साथ जीवन यापन कर रहे है।

नहीं मिल रहा काम
कुछ महीने पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक मकान बना है, जिसमें माता पिता निवासरत है, जगह की कमी के चलते वह अपने परिवार के साथ कच्चे मकान में ही रह रहा है लेकिन सरपंच जगेशर वर्मा, प्यारी बाई, धु्रव वर्मा, जगदीश यादव सहित अन्य उसे प्रधानमंत्री योजना के तहत बने मकान में रहने का दबाव डाल रहे है। उसके इनकार करने पर पूरे परिवार को गांव से बहिष्कृत कर दिया दिया गया है। जिसके चलते उसे कही काम नही मिल रहा है और न ही कोई साथ काम करने को तैयार हो रहा है, मजदूरी के भरोसे घर चलता था लेकिन बहिष्कार की वजह स काम के अभाव मेें भूख प्यास में बिलख रहे है।

रसूखदारों पर पंचायत मेहरबान
रामानंंद ने बताया कि जिस जमीन पर वह वर्तमान में निवासरत है उस जगह का पता राशन कार्ड, आधार में दर्ज है और पंचायत को टैक्स भी देता है, लेकिन अचानक सरपंच सहित गांव के ही कुछ रसूखदारो ने उसे मकान खाली करने गैरकानूनी ढंग से दबाव बनाने के साथ बहिष्कृत करने का आदेश निकाल दिया। जिसके चलते उसके साथ-साथ पूरे परिवार को पर जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया है। रानंद ने बताया कि उसके अलावा गांव के दर्जन भर रसूखदारो ने सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए बैठे है जिन्हे पंचायत ने कब्जा करने की छूट दे रखी है, जबकि वह पंद्रह सालों से जिस मकान में रह रहा है, उसे छोड़कर जाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। सौपे ज्ञापन मेें रामानंद ने गैरकानूनी ढंग से बहिष्कार का निर्णय लेने वाले सरपंच सहित ग्राम प्रमुख पर कार्यवाही करने की मांग की है।