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परंपरा… अच्छी बारिश के लिए चोखापाठ के हनुमान मंदिर में किसानों ने किया पूजा

पहाड़ों के बीच पानी के धार में हुई हनुमान की पूजा

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परंपरा... चोखापाठ पहाड़ों में बसे हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना की गई।

राजनांदगांव / गंडई पंडरिया. विरासत काल से चले आ रहे परंपरा के अनुसार सावन के पहले सोमवार के बाद पहला मंगलवार को पंडरिया किसानों और युवराज लालटारकेश्वर शाह खुशरो के द्वारा चोखापाठ के ऐतिहासिक पहाड़ो के बीच बसे प्रभु हनुमान का पंडरिया वासियों द्वारा पूजा अर्चना किया गया और अच्छे बारिश और फसल के मंत मांगी गई।

इस जगह की विशेषता
युवराज खुशरो ने बताया कि विरासत काल से यहाँ अरज खोदरा का बांध है। जिसका पानी इस क्षेत्र के किसानी के लिए पूर्ति करता है। साथ ही इस डेम की विशेषता है। कि यहाँ से लेकर इसके आखरी छोर तक सिंचाई विभाग के द्वारा कोई नहर नही बनाई गई है। पंडरिया क्षेत्र के किसान खुद अपनी मेहनत से छोटी नाली की व्यवस्था किये है, जो सीधा बांध से खेतों और तालाब में जाति है। और यहाँ इस देव स्थल में पानी की कोई कमी नही होती जिससे किसानों के फसल भी अच्छे होते है। हमारे पूर्वज यहां प्रतिवर्ष सावन के पहले सोमवार के पहले मंगलवार को पूजा करते थे जो आज भी पंडरियावासियों के सहयोग से निरंतर जारी है।

बंद रखते है कामकाज
पूजा अर्चना के दिन पंडरिया क्षेत्र के किसान अपना कामकाज बंद कर हनुमान की पूजा में शामिल होते है। और दिनभर इस जगह पर समय बिताते है। पूरे विधिविधान से पूजा अर्चना करने के बाद प्रसाद वितरण करने के बाद पूरे जंगल का भ्रमण कर अविरत जलधारा का मुआयना करते है। साथ ही इस दिन आसपास के लोग भी शामिल होते है।

कई बार हो चुकी जीर्णोद्धार की मांग
पंडरिया वार्ड दो के पार्षद एवं नगर पंचायत के उपाध्यक्ष कमलेश यादव, पार्षद बालकिशन यादव, नारायन शर्मा ने बताया कि हर वर्ष अरज खोदरा बांध को और अच्छा और मजबूती से पार बनाने के साथ पानी को जमा कर रखने के लिए शासन-प्रशासन के साथ क्षेत्रीय विधायकों से कई बार गुहार लगाई जा चुकी है। मगर अब तक इस ओर कोई ध्यान नही दिया जा रहा है। साथ ही जनप्रतिनिधियों के द्वारा सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। अगर इसका जीर्णोद्धार होता है तो आसपास के किसानों को पूरे साल फसल के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी मिलेगा और फसल भी अधिक मात्रा में होगी।