
Chambal Project
देवगढ़. राजस्थान की बहुप्रतीक्षित चंबल पेयजल परियोजना, जो भीम-देवगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 56,000 से अधिक परिवारों को राहत पहुंचाने का वादा करती थी, अब खुद सवालों के घेरे में आ गई है। 1291.16 करोड़ रुपए की यह परियोजना न केवल तय समय-सीमा से पिछड़ रही है, बल्कि विकास की कछुआ चाल और प्रशासनिक उदासीनता की प्रतीक बन चुकी है। 15 जून 2025 की समय-सीमा भी अब दूर की कौड़ी लग रही हैपरियोजना को अक्टूबर 2023 में शुरू किया गया था, और इसे 15 जून 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन दो साल से भी ज्यादा बीतने के बावजूद अब तक केवल 50 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है। हालात ये हैं कि कई गांवों में पाइपलाइन बिछाने तक का काम नहीं हुआ, और जहां हुआ भी है वहां अधूरा पड़ा है। कई इलाकों में केवल सड़कें खोद दी गई हैं, लेकिन पाइप बिछाने या सड़क दुरुस्त करने की सुध तक नहीं ली गई।
कई स्थानों पर सड़कें तोड़कर पाइप डाल दिए गए हैं, लेकिन कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। इससे भीलवाड़ा रोड जैसे व्यस्त मार्गों पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। देवगढ़ शहर के भीतर भी कई स्थानों पर बड़े पाइप खुले में पड़े हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों को रोजमर्रा की आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी और पंचायत प्रतिनिधि इस परियोजना से बहुत उम्मीद लगाए बैठे थे। क्षेत्र लंबे समय से जल संकट झेल रहा है, खासकर गर्मियों में। लेकिन दो वर्षों के बाद भी अधूरी पड़ी परियोजना अब आशा नहीं, बल्कि नाराजगी और संदेह का कारण बन गई है। देवगढ़ और भीम के ग्रामीणों का कहना है कि "प्रत्येक वर्ष यह कहा जाता है कि अगले साल पानी मिलेगा, लेकिन हर साल नया बहाना मिल जाता है।" खासकर 2024 की गर्मियों में जल संकट के चलते टैंकरों पर निर्भरता ने प्रशासन की योजना की नाकामी को उजागर कर दिया है।
राजनीतिक दृष्टिकोण से यह परियोजना कांग्रेस सरकार की एक बड़ी घोषणा थी। लेकिन भाजपा सरकार के कार्यकाल में इसे लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई दे रही। न तो क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने इस पर मुखर आवाज उठाई, न ही राज्य सरकार की ओर से प्रगति की नियमित समीक्षा की गई।
काम की गति बेहद धीमी है। जहां-जहां काम रुका हुआ है, वहां संबंधित ठेकेदार कंपनियों से बात कर पुनः कार्य शुरू कराया जाएगा। साथ ही, अनुबंध की शर्तों के तहत विलंब पर कार्रवाई की जाएगी।
अशोक सालवी, चंबल परियोजना के सहायक अभियंता
वर्तमान में 50 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है, देवगढ़ भीम में जहां से पानी आएगा वहां इंटेक फाइनल होने की स्टेज पर है, जिसका कार्य है बेगू डिवीजन द्वारा करवाया जा रहा है। बेगू डब्ल्यूटीपी से पानी भीम देवगढ़ पहुंचाने के लिए ट्रांसमिशन लाइन का कार्य प्रगति पर है तथा सिविल स्ट्रेक्चर लगभग सभी स्थानों पर शुरू हो चुके है एवं पाइप लाइन का कार्य प्रगति पर है। ठेकेदार के द्वारा धीमी गति से कार्य किया गया था इस पर सवा 10 करोड़ रुपए का जुर्माना लगा दिया गया है। संभवतः एक साल में कार्य पूरा कर क्षेत्र की जनता को राहत दे दी जाएगी।
रामप्रसाद जाट, एक्सईएन : चम्बल प्रोजेक्ट मांडलगढ़
Published on:
20 May 2025 06:02 pm
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