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67 में से 6 बच्चियों के नहीं आए परिजन, दस्तावेज भी नहीं और तीन को घर भेजने के आदेश

राजसमंद में कथित आध्यात्मिक स्कूल से बच्चियों को बालिका गृह में शिफ्ट करने का मामला

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67 में से 6 बच्चियों के नहीं आए परिजन, दस्तावेज भी नहीं और तीन को घर भेजने के आदेश

राजसमंद. शहर में होटल के पीछे भवन से बालिका गृह में शिफ्ट 67 में से छह बच्चियों के न तो परिजन आए और न ही उनकी पहचान के संबंध में कोई दस्तावेज बाल कल्याण समिति को मिले हैं, जबकि तीन बच्चियों की पहचान का सत्यापन होने पर घर भेजने के लिए समिति ने आदेश जारी क दिए हैं। इधर, बाल कल्याण समिति ने 64 बच्चियों की पहचान का सत्यापन करने के लिए राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को प्रस्ताव भेज दिया है, जहां से संबंधित 8 राज्यों की जिला बाल समितियों व नेपाल सकार के माध्यम से बच्चियों की पहचान का सत्यापन कराया जाएगा। पहचान सत्यापन की रिपोर्ट आने के बाद जिला बाल कल्याण समिति द्वारा शेष बच्चियों को घर भेजा जाएगा।

जिला बाल कल्याण समिति राजसमंद द्वारा होटल के पीछे भवन से 67 बच्चियों में से 25 को उदयपुर महिला मंडल में स्थानान्तरित कर दिया, जबकि 42 किशोरियां राजसमंद में आसरा विकास संस्था के पन्नाधाय बालिका गृह में रखा गया है। छत्तीसगढ़ राज्य से बालौदाबाजार, भाटापारा की दो किशोरियों की पहचान का सत्यापन वहां की बाल कल्याण इकाई द्वारा कर रिपोर्ट भेज दी। इस पर जिला बाल कल्याण समिति अध्यक्ष भावना पालीवाल ने दोनों बच्चियों को छत्तीसगढ़ राज्य के बालौदाबाजार जिला बाल इकाई को भेजने के आदेश जारी कर पुलिस को निर्देशित कर दिया है। इसी तरह धौलपुर की युवती, जो बालिका गृह में आने के बाद बालिग हो गई, उसकी पहचान सिद्ध होने पर उसे जिला बाल कल्याण समिति धौलपुर को भेजने के आदेश जारी कर दिए। अब तीनों ही बच्चियों को जिला बाल कल्याण समितियों द्वारा उनके परिजनों को सौंपा जाएगा।

दस्तावेजों में विरोधाभास
जिला बाल कल्याण समिति की पूछताछ में ज्यादातर किशोरी बालिकाओं द्वारा नाम, पते व उनके दस्तावेजों में भी विरोधाभास की स्थिति है। कुछ बच्चों के आधार कार्ड ही दो दो मिले और एक युवती का पासपोर्ट भी बरामद हुआ है, जिसे भी शक के नजरिये से देखा जा रहा है। क्योंकि इन दोहरे, विरोधाभासी दस्तावेजों को लेकर भी बच्चियों के साथ परिजन भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए।

सभी बच्चियों को एक जगह रखने की मांग
किशोरियों के परिजनों ने बाल कल्याण समिति अध्यक्ष से मिलकर सभी बच्चियों को एक ही जगह उदयपुर में रखने की मांग की। 25 बच्चियों को उदयपुर के महिला मंडल में रखा गया है, जहां से कतिपय व्यक्ति द्वारा सभी बच्चियों को उदयपुर में शिफ्ट कराने के लिए परिजनों को कहा। इस पर बाल कल्याण समिति अध्यक्ष द्वारा परिजनों से समझाइश की गई।

तत्काल सूचना देने को लेकर अड़े
होटल के पीछे भवन से बच्चियों को बालिका गृह में शिफ्ट करने और उसके बाद की गई कार्रवाई के दस्तावेज सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत अतिरिक्त जिला कलक्टर को आवेदन किया। एडीएम के आदेश की प्रति लेकर परिजन बाल कल्याण समिति अध्यक्ष के पास पहुंचे, जहां वांछित सूचना तत्काल उपलब्ध कराने की मांग को लेकर अड़ गए। अध्यक्ष व सदस्य ने जल्द से जल्द सूचना उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। परिजन इस बात पर अड़े कि उक्त सूचना आपातकालीन परिस्थिति की है। इसलिए उन्हें तत्काल दी जावें।