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फिर कोरोना ब्लास्ट, 40 नए केस, एक्टिव केस 112, अकेले नाथद्वारा में 62

धार्मिक पर्यटन नगरी में तेजी से पैर पसार रहा है कोरोना

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फिर कोरोना ब्लास्ट, 40 नए केस, एक्टिव केस 112, अकेले नाथद्वारा में 62

फिर कोरोना ब्लास्ट, 40 नए केस, एक्टिव केस 112, अकेले नाथद्वारा में 62

राजसमंद. जिले में एक बार फिर कोरोना का धमाका हुआ है। मंगलवार को आईं 564 नमूनों की जांच रिपोर्ट में 40 कोरोना केस मिले हैं। इसके साथ ही अब एक्टिव केस कुल 112 हो गए हैं। नाथद्वारा में कोरोना सर्वाधिक तेजी से फैल रहा है। अकेले नाथद्वारा में 62 केस हैं, बाकी आधे से भी कम शेष इलाकों में हैं।
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक नाथद्वारा शहरी क्षेत्र में सबसे ज्यादा 26, राजसमंद शहरी क्षेत्र में 6, राजसमंद ब्लॉक में 5, खमनोर में 2 और आमेट में 1 कोरोना पॉजिटिव मिला है। इनमें नौ महिलाएं हैं एवं 4 संक्रमित ऐसे हैं, जिनकी उम्र 20 साल से कम है। नाथद्वारा पुलिस स्टेशन से लिए नमूनों में दो पुलिसकर्मी व एक बच्चा संक्रमित मिला है। संक्रमितों में 50 फीसदी 20 से 40 साल के आयुवर्ग के युवा शामिल हैं। मंगलवार को चिकित्सा विभाग ने सभी ब्लॉक में 202 रेपिड एंटीजन टेस्ट किए, वहीं आरटीपीसीआर जांच के लिए 684 नमूने संग्रहित किए। कुल 886 नमूने लिए गए।

नाथद्वारा में आए केस
तारीख केस
11 जनवरी 26
10 जनवरी 0
9 जनवरी 7
8 जनवरी 21
7 जनवरी 8
कुल 62


फैक्ट फाइल
230526 नमूनों की जांच हुई अब तक
17559 केस अब तक आए सामने
112 एक्टिव केस हैं राजसमंद जिले में
17279 रोगी ठीक हुए कोरोना संक्रमण से
168 मौतें हो चुकी हैं कोरोना वायरस से

'ओमिक्रॉन वेरिएंट मामूली नहीं, हो सकती है पोस्ट कोविड समस्याएं'
राजसमंद. कोरोना वायरस का संक्रमण घातक है। सीएमएचओ डॉ. प्रकाश चन्द्र शर्मा ने बताया कि संक्रमण अपना असर छोड़ जाता है फिर भले ही मरीजो में इसके लक्षण नहीं दिखते हो। ऑमिक्रॉन में बिना लक्षण या हल्के संक्रमण के मामले ही सामने आ रहे है, लेकिन इस वेरिएंट से भी पोस्ट कोविड कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित एक नई स्टडी में यह सामने आया है कि इस वेरिएंट के बाद लंग्न फंक्शन टेस्ट में फेफड़े का वॉल्यूम तीन प्रतिशत घट गया, ह्रदय की पम्पिंग पावर में औसतन 1 से 2 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, जबकि खून में प्रोटीन का स्तर 41 प्रतिशत तक बढ़ गया जो कि ह्दय पर पडऩे वाले तनाव की और संकेत करता है। स्टडी में यह भी सामने आया कि कोविड संक्रमितों में मीडियम टर्म ऑर्गेन डैमेज देखा गया है। उन्होंने बताया कि इससे पोस्ट कोविड पैरो की नसो में थक्के बनने के भी संकेत मिलेे है तथा किडनी फंक्शन में तकरीबन दो प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। जिले में भी लगातार कोरोना के मामले बढ़ रहे है इसलिए आवश्यक है कि भीड- भाड़ वाले स्थानों पर ना जाए, मास्क लगाए एवं बार-बार हाथ धोते रहे।