
राजसमंद. निकटवर्ती गांव बोरज का खेड़ा गांव के एक जंगल में पैंथर ने एक 19 वर्षीय युवक की जान ले ली। शव बुरी तरह क्षत विक्षत अवस्था में मिला है। ग्रामीणों ने बताया कि युवक का एक हाथ, सिर मिला है। दोनों पैर नहीं मिल पाए। इस घटना से हर कोई स्तब्ध हो गया। इस दर्दनाक हादसे को सुनकर सब लोग दंग रह गए। परिजनों ने इस घटना की जानकारी राजनगर पुलिस को दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आरके अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। जहां से पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया है।
जानकारी के अनुसार 18 जून को परिजनों ने राजनगर पुलिस थाने में राधेश्याम की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया कि वह किसी काम से गया था, लेकिन देर शाम तक नहीं लौटा। इसकी जांच की तो उसका कुछ पता नहीं लगा। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन 23 जून को जंगल में एक चरवाहा की नजर पेंट पर पड़ी। आगे चलकर देखा तो कुछ कपड़े आदि नजर आए। उसे पैँथर के शिकार किए जाने का आभास हुआ। उसने गांव वालों को इसकी सूचना दी।
सूचना पर गांव के लोग और परिजन मौके पर पहुंचे और देखा तो उसकी पहचान राधेश्याम के रूप में हुई। पुलिस व ग्रामीणों को प्रथम दृ़ष्टया मानना है कि संभावत पैंथर की ओर से ही युवक का शिकार किया गया है। इधर युवक के पोस्टमार्टम के लिए नाथद्वारा से वन विभाग की टीम भी राजसमंद मोर्चरी में पहुंची। जहां उसने युवक का डीएनए लिया है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविकता सामने आएगी कि पैंथर ने नोचा है या अन्य किसी शिकारी जानवर ने।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
इस घटना की जानकारी परिजनों को मिली तो उनका रो-रो कर बुरा हाल हो गया। आस-पड़ौस के लोगों ने परिजनों को ढांढस बंधाया। मृतक राधेश्याम की मां तो बेसुध सी हो गई थी। घर पर आस-पास के लोगों को आने का क्रम जारी रहा।
तीन भाईयों में सबसे छोटा था राधेश्याम
राधेश्याम तीन भाईयों में सबसे छोटा था। वह ट्रकों में टाइल भरने का काम करता था। इसी के माध्यम से परिवार का लालन-पालन करने की जिम्मेदारी उस पर भी थी। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
Updated on:
25 Jun 2024 02:22 pm
Published on:
25 Jun 2024 02:21 pm
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