
निजी क्लीनिक की जांच करते स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी
देवगढ़. आमजन की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले अवैध बंगाली झोलाछापों के खिलाफ बुधवार को देवगढ़ खंड में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, राजसमंद डॉ. हेमंत बिंदल के निर्देशानुसार चलाए गए विशेष अभियान में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने क्षेत्र में कार्रवाई को अंजाम दिया। इस अभियान का नेतृत्व देवगढ़ तहसीलदार सज्जनराम चौधरी और खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुराग शर्मा ने किया। टीम ने देवगढ़ क्षेत्र के कामलीघाट स्थित धनलक्ष्मी मेडिकल एवं क्लीनिक पर अचानक छापा मारकर जांच शुरू की, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
निरीक्षण के दौरान टीम को मेडिकल स्टोर के साथ-साथ मरीजों के उपचार में उपयोग किए गए खाली इंजेक्शन और दवाइयों के प्रमाण मिले। यह स्पष्ट संकेत था कि बिना वैध अनुमति के इलाज किया जा रहा था। मौके पर शेड्यूल-एच श्रेणी की दवाइयां और इंजेक्शन भी पाए गए, जिन्हें नियमानुसार तुरंत जब्त कर लिया गया। कार्रवाई के दौरान टीम ने इंजेक्शन, विभिन्न प्रकार की दवाइयां, सिरिंज और नीडिल को अपने कब्जे में लिया। यह सामग्री अवैध रूप से चिकित्सा कार्य किए जाने की पुष्टि करती है।
जैसे ही क्षेत्र में छापेमारी की सूचना फैली, कई झोलाछाप अपने-अपने अवैध क्लीनिक बंद कर मौके से फरार हो गए। इससे स्पष्ट है कि क्षेत्र में इस तरह की अवैध गतिविधियां लंबे समय से संचालित हो रही थीं।
इस कार्रवाई के दौरान तहसीलदार सज्जनराम चौधरी, खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुराग शर्मा, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. संपत मेवाड़ा सहित पुलिस जाप्ता मौके पर मौजूद रहा। पूरी टीम ने समन्वय के साथ कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
Published on:
30 Apr 2026 10:51 am
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