
कुंभलगढ़. केलवाड़ा में रामकुई चौक पर आगामी २७ मार्च को पूर्व मुख्यमंत्री एवं स्वतंत्रता सेनानी हीरालाल देवपुरा की प्रतिमा लगाने का प्रस्तावित कार्यक्रम तय समय से मात्र चार दिन पूर्व शुक्रवार को जगह आवंटन को लेकर पेंच फंसने से खटाई में पड़ गया है। तय जगह को लेकर विवाद की रिपोर्ट आने के बाद तहसीलदार ने आदेश जारी कर अग्रीम आदेश तक मौके पर पुलिस जाप्ता तैनात करा दिया है। देवपुरा के परिजनों की ओर से प्रतिमा लगाने के लिए लगभग दो लाख रुपए खर्च करते हुए रामकुई स्थित तय स्थान पर पेंडस्टल भी तैयार करा दिया गया है। इसके साथ ही कार्यक्रम को लेकर पूरे विधानसभा क्षेत्र में सूचना भी दे दी गई और शनिवार शाम को टेन्ट शामियाने तक मौके पर पहुंच गए थे। इसके तहत दस हजार लोगों के बैठने और खाने की व्यवस्था भी की गई थी। लेकिन, ऐन वक्त पर जगह के आवंटन को लेकर पेंच फंस गया और मौका निरीक्षण रिपोर्ट में स्थानीय प्रशासन ने उक्त पेंडस्टल को अनुपयुक्तकरार देते हुए प्रतिमा अन्यत्र स्थान पर लगाने का सुझाव दे दिया। साथ ही २७ मार्च को प्रतिमा लगाने का प्रस्तावित कार्र्यक्रम होने की वजह से रातों-रात प्रतिमा लगा देने के डर से तहसीलदार ने आदेश जारी कर शुक्रवार शाम को ही रातभर चार पुलिस कर्मियों का जाप्ता तैनात करवा दिया। वहीं, शनिवार सुबह एक पुलिसकर्मी दिनभर तैनात रहा।
जमीन आवंटन का मामला अटका
उधर, देवपुरा के परिजनों ने इस तरह की जानकारी मिलने के बाद जमीन आवंटन को लेकर जिला कलक्टर को आवेदन किया। इस पर कलक्टर ने फाइल को उदयपुर स्थित आवंटन समिति के कमिश्नर के पास भेज दिया, जहां से शुक्रवार शाम को कमिश्नर की ओर से गठित चार सदस्यीय समिति में उपखण्ड अधिकारी गोविन्दङ्क्षसह रत्नू, विकास अधिकारी रमेशचन्द्र मीणा, सानिवि के सहायक अभियंता शैतानङ्क्षसह एवं उदयपुर से आए टाउन प्लानर की समिति ने मौके का पुन: विस्तार से निरीक्षण किया, जिसमें मुख्य रूप से यह पाया गया कि पेडस्टल वर्तमान में सड़क के मध्यभाग से लगभग १३-१४ मीटर की दूरी पर होते हुए नाले पर ही स्थित है, ऐसे में सड़क विस्तार या पुल निर्माण के दौरान प्रतिमा प्रभावित होगी। इसलिए प्रतिमा को वर्तमान में तय स्थान की जगह से पश्चिम की ओर लगाई जाए तो भविष्य में परेशानी नहीं रहेगी।
तीन माह से चल रही थी कार्यक्रम की तैयारियां
देवपुरा के परिजन पिछले दो-तीन माह से कार्यक्रम को लेकर दौड़-भाग कर राज्य स्तरीय नेताओं को बुलाने का कार्यक्रम बना चुके थे। लेकिन, सब कुछ बेकार चला गया। बताया गया कि पिछले दिनों मूर्ति लगाने वाली जगह के बिलानाम एवं नाले की जमीन में होने की सूचना के बाद स्थानीय प्रशासन ने मौके का निरीक्षण करवाया, जिसमें उक्त जमीन के बिलानाम एवं नाले में होना पाया गया।
कमिश्नर करेंगे निर्णय
वर्तमान पेडस्टल वाली जगह बिलानाम होकर नाले की जमीन पर बना दिया गया है। इसकी रिपोर्ट उदयपुर कमिश्नर को भेज दी गई है। उनके निर्णय पर ही आगे की कार्रवई आधारित रहेगी।
रामखिलाड़ी जाटव, तहसीलदार, कुंभलगढ़
अभी कार्यक्रम निरस्त रखेंगे
अगर तय जगह पर कोई तकनीकी खामी है, तो ठीक है अभी कार्यक्रम को निरस्त रखेंगे और आगे देखेंगे जो भी उचित होगा वह करेंगे। साथ ही इसमें किसी भी प्रकार की गंदी राजनीति होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
सत्यनारायण देवपुरा, देवपुरा के पुत्र एवं पूर्व प्रधान
मैंने तो दिलाई थी एनओसी
मुझे तो कोई आपत्ती नहीं है, मैंने तो पंचायत से एनओसी दिलाई थी, जिला कलक्टर को भी स्वीकृति के लिए बोला था। आज दिन तक ऐसे मामलों में कहां-कहां जगह आवंटित की गई है।
सुरेन्द्र सिंह राठौड़, विधायक, कुंभलगढ़
Published on:
25 Mar 2018 01:21 pm
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