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प्रदेश को सौगात: जल्द मिल सकता है एक और सीमेंट ग्रेड लाइम स्टोन का भंडार

- राजसमंद जिले के भील तहसील के बोरवा में शुरू होगी गी ड्रिलिंग, जिले का पहला सीमेंट प्लांट लगाया जा सकेगा, 700 हेक्टेयर में होगी ड्रिलिंग, - राज्य सरकार 1985 में कर चुकी थी इसे चिन्हित, राजस्व में होगा इजाफा

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प्रदेश को सौगात: जल्द मिल सकता है एक और सीमेंट ग्रेड लाइम स्टोन का भंडार

प्रदेश को सौगात: जल्द मिल सकता है एक और सीमेंट ग्रेड लाइम स्टोन का भंडार

हिमांशु धवल@ राजसमंद. प्रदेश के राजसमंद जिले में जल्द ही एक और सीमेंट ग्रेड लाइम स्टोन का भंडार मिल सकता है। इसके लिए ड्रिलिंग का कार्य जल्द शुरू होगा। पहले यहां पर की गई ड्रिलिंग के परिणाम पॉजीटिव आए हैं। इससे यहां पर सीमेंट फैक्ट्री आदि लगाई जा सकेगी और राजस्व में भी इजाफा होगा।
राजसमंद जिले की भीम तहसील के बोरवा गांव में सीमेंट ग्रेड लाइम स्टोन (चूना पत्थर) के भंडार मिले हैं। राज्य सरकार ने 1985 में यहां पर ड्रिलिंग कराई थी। इसमें पॉजीटिव परिणाम आए थे। इसके बाद से यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। खान एवं भू-विज्ञान विभाग ने अब इस क्षेत्र में फिर से ड्रिलिंग कराने का निर्णय लिया है। राजस्थान स्टेट एस्कप्रोरेशन मिनरल ट्रस्ट यहां पर आगामी दो-चार दिनों में ड्रिलिंग शुरू करेगा। इसके लिए मशीन आदि भी पहुंचने लगी है। विभाग ने 700 हेक्टेयर इसके लिए चिन्हित किया है। यहां 100 मीटर तक ड्रिलिंग की जाएगी। यहां पर निकलने वाले प्रधान खनिज को एनएबीएल लैब में टेस्ट कराया जाएगा। इसके परिणाम अच्छे आने पर इसके लिए ऑक्शन आदि की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ऐसे में यहां पर जिले का पहला सीमेंट प्लांट भी लग सकता है। इससे सरकार को प्रतिवर्ष राजस्व की प्राप्ति होगी।
लाइम स्टोन सर्वाधिक सीमेंट के आता है काम
खनिज पदार्थों में चूने का पत्थर एक महत्वपूर्ण खनिज है। इसका उपयोग बहुत से उद्योगों में होता है। इसका सर्वाधिक उपयोग सीमेंट उद्योग में होता है। इसके अलावा चूना, कैल्शियम-कार्बाइड, रासायनिक खादों, स्टील, कपड़ा, उद्योगों, चीनी, कागज और चमड़े आदि के उद्योगों में होता है।
राजस्थान में सीमेंट उद्योग की स्थिति
राजस्थान में पहली सीमेंट फैक्ट्री 1915 में लाखेरी (बूंदी) में स्थापित की गई थी। वर्तमान में राजस्थान में 19 बड़े पैमाने के सीमेंट कारखाने, 4 मध्यम आकार के और 104 छोटे पैमाने के सीमेंट कारखाने हैं। सीमेंट उद्योग के स्थानीयकरण के लिए चित्तौडगढ़़ और सवाई माधोपुर सबसे उपयुक्त बताया जाता है।

60 करोड़ से अधिक रॉयल्टी की उम्मीद
भीम तहसील के बोरवा गांव में ड्रिलिंग के बाद परिणाम पॉजीटिव आने पर यहां पर सीमेंट प्लांट लगाया जा सकता है। इससे सरकार को प्रतिवर्ष 60 करोड़ से अधिक रॉयल्टी के रूप में राजस्व मिलने की उम्मीद है। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।
दो-चार दिन में शुरू होगा ड्रिलिंग कार्य
जिले की भीम तहसील के बोरवा में लाइम स्टोन का भंडार मिला है। इसके लिए ड्रीलिंग कार्य दो-चार दिन में शुरू होगा। सरकार ने इसे 1985 में चिन्हित किया था। यहां पर मिले सीमेंट ग्रेड लाइम स्टोन के चलते जिले का पहला सीमेंट प्लांट भी लग सकता है। इससे राजस्व भी बढ़ेगा।
- ओ.पी.जांगिड़, वरिष्ठ भू वैज्ञानिक, खान एवं भू-विज्ञान विभाग राजसमंद
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आरजे2408 राजसमंद का खान एवं भू-विज्ञान विभाग कार्यालय भवन।