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भीम: रावत चौथी बार मगरा क्षेत्र से ठोंकेंगे ताल, अब तक रहे हैं अविजित

विधानसभा चुनाव राजसमंद

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harisinh rawat bjp candidate at bhim

भीम: रावत चौथी बार मगरा क्षेत्र से ठोंकेंगे ताल, अब तक रहे हैं अविजित

प्रमोद भटनागर

राजसमंद. जिले की भीम विधानसभा सीट पर भाजपा ने निवर्तमान प्रत्याशी एवं मगरा विकास बोर्ड के अध्यक्ष हरिसिंह रावत को लगातार चौथी बार मैदान में उतारा है। इस सीट पर अब तक अविजित रहे रावत के लिए इस बार मुकाबला आसान नहीं है। वे पूर्व में दो बार अपने चचेरे काका और पूर्व गृह राज्य मंत्री लक्ष्मणसिंह रावत को दो बार हरा चुके हैं। वहीं, वर्ष 2013 के पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उनके सामने यहां से प्रत्याशी बदलते हुए रिश्ते में उनके काका लगने वाले लक्ष्मणसिंह की बजाए गोपालसिंह पीटीआई को टिकट थाम दिया था। लेकिन, पीटीआई भी पिछले चुनावों में रही नरेन्द्र मोदी की लहर के आगे भाजपा के रावत को हैट्रिक बनाने से नहीं रोक पाए। मोदी लहर के सहारे रावत गत चुनाव में हो नैया को पार लगा गए, लेकिन इस बार उनके लिए चौका लगा पाना इतना आसान नहीं होगा। हालांकि, चुनाव में मुकाबले की स्थिति कैसी रहेगी यह तो कांगे्रस प्रत्याशी की घोषणा के बाद ही तय होगा, लेकिन यह तय है कि इस बार रावत को पूरा जोर लगाना पड़ेगा।
पिछली बार कितने वोटों से जीत या हार
हरिसिंह रावत (भाजपा) - 62550
लक्ष्मणसिंह रावत (निर्दलीय) - 44099
जीत का अंतर : १८,४५१
प्रत्याशी का ‘आधार’
आमदनी: उद्योगपति
सोशल मीडिया: अकाउंट नहीं है, पेज पर लाइक्स ९७००, ट्विटर अकाउंट नहीं।
पहचान: किसानों व आम लोगों के लिए संघर्ष करने वाले नेता।
अनुभव: तीन बार विधायक रह चुके और पूर्व मे चचेरे काका कांग्रेस के लक्ष्मणसिंह रावत के साथ राजनीतिक अनुभव।
कोर टीम: राजेन्द्रसिंह, नेमीचंद, महावीर मेवाड़ा
अक्सर कहां मिलते हैं: नंदावट में आवास पर
फोरलेन पूरा करेंगे, उद्योग लाएंगे
क्षे त्र में मुख्य रूप से पहली प्राथमिकता राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या आठ पर गोमती से ब्यावर तक अधूरे पड़े फोरलेन के कार्य को पूरा करवाने की रहेगी। इसके लिए वन विभाग से जल्द से जल्द स्वीकृति के प्रयास किए जाएंगे। इसके साथ ही क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा उद्योगों को लाकर युवाओं को रोजगार की भी प्राथमिकता रहेगी।
तीन कार्यकाल में भी विकास नहीं करवा पाए
तीन बार चुने जाने के बाद भी कोई उपलब्धि नहीं। फोरलेन तक अधूरा पड़ा है।
गोपालसिंह पीटीआई, कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रत्याशी
अब तक के कार्य को देखकर करेंगे तय
रावत तीन बार विधायक रहे हैं, इनके अब तक के कार्य और सामने प्रत्याशी देखेंगे।
महेश पालीवाल, सामाजिक कार्यकर्ता
आगे विकास की सोच को देखेंगे
क्षेत्र के विकास की सोच को देखने के बाद तय करेंगे कि इन्हें चौथी बार चुनें या नहीं।
श्यामलाल शर्मा, निजी संस्थान संचालक
पांच साल में नहीं बना पाए फोरलेन
पांच साल में फोरलेन का काम पूरा नहीं हुआ। ग्रामीण क्षेत्र की सडक़ें भी काफी खराब है।
देवेन्द्र कुमार, निजी संस्था कर्मी