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Higher Education Minister did a dozen development works: छोटे गांव व ढाणियों को भी मिलेगा शुद्ध पेयजल, किसान संघर्ष समिति सदस्यों ने रोका रास्ता

उच्च शिक्षा मंत्री ने किया एक दर्जन विकास कार्यों का लोकार्पण

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रेलमगरा. उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने कहा कि क्षेत्र के विकास में किसी प्रकार की कमी नहीं रखी गई है। इसके तहत छोटे गांव एवं ढाणियों तक शुद्ध पेयजल सुगमता से उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।
वे क्षेत्र के गिलूण्ड कस्बे में चामुण्डा माता मंदिर पर 10 लाख रुपए की लागत से बने वाचनालय भवन के उद्घाटन समारोह में ग्रामीणों को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य में गेहुं की खरीदी के साथ कृषकों के ऋाण माफ करने की योजना किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हुई है। कई वर्षों से लंबित पड़े कृषक विद्युत कनेक्शनों को जारी किया गया है। गांवों के समुचित विकास के लिए सडक़ें, पेयजल, विद्युत, सफाई व्यवस्था का सफल संचालन भी किया गया है। उन्होंने कहा कि अब आने वाले चुनावों में मतदाता अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी से निर्वहन करें।
इससे पूर्व मंत्री माहेश्वरी ने गिलूण्ड में ही लाल मंदिर पर नवनिर्मित सामुदायिक भवन, बनास नदी श्मशान घाट पर सामुदायिक भवन, खुमाखेड़ा में सीसी सडक़, सामुदायिक भवन, जीतावास आदि गांवों में करीब एक दर्जन सामुदायिक भवनों सहित अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण किया। वहीं, जीतावास, जीवाखेड़ा में ग्रामीणों की मांग पर सामुदायिक भवनों के निर्माण के लिए 16 लाख एवं गिलूण्ड
क्षेत्र के सामुदायिक भवनों के निर्माण के लिए 15 लाख
रुपए की घोषणा की। इस दौरान भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष कला राजोरा, मण्डल अध्यक्ष अरूण बोहरा, पंसस. कैलाश
देवी पारीक, उप प्रधान सुरेशचंद्र जाट, जिला परिषद सदस्य मंगलसिंह चौधरी, जीतावास सरपंच देवीलाल प्रजापत, समाजसेवी राजमल जैन, उपखण्ड अधिकारी शक्तिसिंह भाटी, तहसीलदार ओमपाल सिंह, थाना अधिकारी लालसिंह शक्तावत, चंद्रप्रकाश सामर, लेहरूलाल जैवाल, पूर्व प्रधान श्यामलाल चौहान उपस्थित थे।
किसान संघर्ष समिति सदस्यों ने रोका रास्ता
खुमाखेड़ा से गिलूण्ड आते समय उच्च शिक्षा मंत्री माहेश्वरी को किसान संघर्ष समिति के सदस्यों ने रास्ते में रोक कर अपनी समस्या बताई। इस पर मंत्री ने गिलूण्ड के पंचमुखी हनुमान मंदिर पर समिति के सदस्यों से वार्ता की। इस दौरान सदस्यों ने मातृकुण्डिया बांध के सिंचाई विभाग द्वारा बांध के डूब क्षेत्र में आने वाले खेतों के काश्तकारों को मुआवजा वितरित किया। उस समय दर्जनों काश्तकारों ने मुआवजा राशि लेने की बजाय खेतों पर अपना ही मालिकाना हक रखने की सहमति प्रदान की और मुआवजा राशि नहीं ली। इसके बाद भी उनके खेतों में बांध का पानी भरा जा रहा है, जिससे उन्हें प्रतिवर्ष नुकसान भुगतना पड़ रहा है। वहीं, पूर्व में गिलूण्ड में गेहूं खरीद केन्द्र्र खोलने की घोषणा पूरी नहीं होने पर रोष जताया। इस पर मंत्री ने मौके पर चार सदस्यों की कमेटी का गठन कर बांध के डूब क्षेत्र में आने वाले काश्तकारों की सूचि बनाकर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए एवं बाद में उच्च स्तर पर वार्ता कर इस मामले का निस्तारण कराने का आश्वासन दिया।