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अधूरी इंटर्नशिप बनी सिरदर्द, अब गर्मी की छुट्टियों में देनी होगी कॉलेज में उपस्थिति

राजस्थान के डीएलएड द्वितीय वर्ष के हजारों छात्र-छात्राएं इन दिनों एक अनोखी दुविधा में फंसे हुए हैं। दरअसल, जिन अभ्यर्थियों की 96 दिन की अनिवार्य इंटर्नशिप अब तक पूरी नहीं हो सकी है, उन्हें इस बार ग्रीष्मावकाश का लाभ नहीं मिलेगा

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Rajasthan Education Department

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राजसमंद. राजस्थान के डीएलएड द्वितीय वर्ष के हजारों छात्र-छात्राएं इन दिनों एक अनोखी दुविधा में फंसे हुए हैं। दरअसल, जिन अभ्यर्थियों की 96 दिन की अनिवार्य इंटर्नशिप अब तक पूरी नहीं हो सकी है, उन्हें इस बार ग्रीष्मावकाश का लाभ नहीं मिलेगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि ऐसे सभी छात्र छुट्टियों में अपने संबंधित डीएलएड कॉलेजों में उपस्थित रहकर सैद्धांतिक कोर्स पूरा करें। यह आदेश राजस्थान बीकानेर स्थित शिक्षा विभागीय परीक्षाएं कार्यालय के पंजीयक नरेंद्र कुमार सोनी ने प्रदेशभर के समस्त डाइट प्राचार्यों और निजी डीएलएड संस्थानों को जारी किए हैं।

क्या है पूरा मामला?

डीएलएड द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए 96 दिन की स्कूल इंटर्नशिप अनिवार्य है। यह इंटर्नशिप 20 जनवरी 2025 से शुरू की गई थी, लेकिन बीच में परीक्षा, छुट्टियों और अन्य कारणों से कई छात्र-छात्राएं इसे पूरी नहीं कर सके। वहीं, 17 मई से राज्यभर के स्कूलों में ग्रीष्मावकाश शुरू हो चुका है जो 30 जून तक रहेगा। स्कूल अब 1 जुलाई से पुनः खुलेंगे। इस कारण से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की इंटर्नशिप अभी भी अधूरी है। ऐसे में यदि इन छात्रों को भी गर्मी की छुट्टियों में कॉलेज न बुलाया जाए, तो न सिर्फ उनका शैक्षणिक सत्र लंबा खिंच सकता है, बल्कि सैद्धांतिक शिक्षा का हिस्सा भी अधूरा रह जाएगा।

अब कॉलेज में देना होगा हाजिरी

इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए पंजीयक ने आदेश जारी करते हुए निर्देशित किया है कि जिन विद्यार्थियों की इंटर्नशिप अधूरी है, वे ग्रीष्मावकाश के 45 दिनों में अपने-अपने डीएलएड कॉलेजों में नियमित रूप से उपस्थित रहें। इसका मकसद यह है कि उनकी सैद्धांतिक पढ़ाई पूरी की जा सके जो इंटर्नशिप के चलते अधूरी रह गई थी।विभाग के अनुसार ये करना होगा-छात्र-छात्राएं पहले अपने विद्यालय (जहां इंटर्नशिप चल रही थी) से ऑफलाइन अनुमति पत्र प्राप्त करें।

- फिर वे इन अवकाश के दिनों में अपने डीएलएड कॉलेज में उपस्थिति दें।

- 1 जुलाई से जब स्कूल दोबारा खुलेंगे, तो ये विद्यार्थी शेष बची इंटर्नशिप को पूरा करने के लिए स्कूलों में उपस्थित होंगे।

सैद्धांतिक पाठ्यक्रम अधूरा रहने की थी आशंका

सूत्रों के अनुसार डीएलएड द्वितीय वर्ष के कुल 200 दिन के शैक्षणिक सत्र में से लगभग 120 दिन केवल इंटर्नशिप में ही खप रहे थे, जिससे शेष 80 दिनों में सैद्धांतिक पढ़ाई का कार्य पूरा कर पाना लगभग असंभव हो रहा था। यही कारण है कि विभाग ने अब गर्मियों की छुट्टियों का उपयोग करते हुए विद्यार्थियों को कॉलेज बुलाकर सैद्धांतिक शिक्षा की पूर्ति का रास्ता अपनाया है। इससे न सिर्फ कोर्स समय पर पूरा होगा, बल्कि विद्यार्थियों को मुख्य परीक्षा की तैयारी का भी पूरा मौका मिलेगा।

सितंबर में मुख्य परीक्षा कराने की तैयारी

राज्य सरकार और शिक्षा विभाग का इरादा है कि विद्यार्थियों का शैक्षणिक सत्र 200 दिन में ही समेट लिया जाए ताकि सितंबर 2025 में डीएलएड द्वितीय वर्ष की मुख्य परीक्षा का आयोजन किया जा सके। यह इसलिए भी ज़रूरी हो गया है क्योंकि बड़ी संख्या में डीएलएड सेकंड ईयर के छात्र हाल ही में रीट पात्रता परीक्षा में सफल हुए हैं। यदि सितंबर में मुख्य परीक्षा कराई जाती है और छात्र उत्तीर्ण हो जाते हैं, तो वे जनवरी 2026 में प्रस्तावित तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा में सम्मिलित होने के पात्र हो सकेंगे।

निर्देश जारी किए जा चुके

शिक्षा विभागीय परीक्षाएं, राजस्थान बीकानेर के पंजीयक नरेंद्र कुमार सोनी ने कहा कि "डीएलएड द्वितीय वर्ष के जिन अभ्यर्थियों की इंटर्नशिप अभी तक अधूरी है, उन्हें ग्रीष्मावकाश के दौरान अपने-अपने कॉलेज में उपस्थिति दर्ज करवाकर शेष सैद्धांतिक कोर्स को पूरा करना होगा। इस संबंध में समस्त सरकारी और निजी डीएलएड कॉलेजों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं।"