
राजसमंद झील से गंदगी निकालते नगर परिषद कर्मचारी
राजसमंद. राजसमंद झील के इरिगेशन पाल के पास पानी में जमा गंदगी निकालने के लिए नगर परिषद की टीम जुटी है। झील से मछली पकडऩे के जाल को निकालकर जलाया गया। झील से करीब दो ट्रॉली जलीय वनस्पति और गंदगी को निकाला जा चुका है। झील का जलस्तर 24.50 के करीब पहुंच गया है।
राजसमंद झील में बिपरजॉय तूफान के तहत हुई बारिश और मानसून की बारिश के चलते गोमती नदी से झील में पानी की लगातार आवक बनी हुई है। पानी के साथ बहकर आई और झील में पहले से जमा जलीय वनस्पति और गंदगी अब झील के किनारों पर आ गई है। इसके कारण इरिगेशन पाल के आस-पास पानी में गंदगी साफ दिखाई दे रही है। इसके कारण झील के पानी में भी बदबू आने लगी है। इस पर राजस्थान पत्रिका के अंक में ‘झील कर रहे दूषित, साबुन से नहा रहे और गंदगी भी पानी में’ शीषर्क से समाचार प्रकाशित किया। इसमें बताया कि कुछ लोग झील में साबुन से नहाकर पानी को दूषित कर रहे हैं, जबकि झील के पानी में जमा गंदगी के कारण जलीय जीव-जंतुओं को नुकसान हो सकता है। इस पर चंचल नंदवाना की पहल पर शनिवार को सुबह करीब 6.30 बजे से टीम झील से गंदगी निकलाने में जुट गई। नगर परिषद के कर्मचारियों ने झील के किनारे पर जमा जलीय वनस्पति, पानी की खाली बोतल, नमकीन-चिप्स के पैकेट सहित तैर रही गंदगी को बाहर निकाला गया। अब उसके सूखने पर उसे ट्रेक्टर ट्रॉली आदि में भरवाकर वहां से हटवाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि सार्वजनिक निर्माण विभाग के ऑफिस की दीवार के पास बनी पाल से लेकर छतरियों तक पानी में गंदगी जमा हो गई है।
झील में मछली पकडऩे पर रोक, फिर भी अवैध आखेट जारी
राजसमंद झील में धार्मिक दृष्टि के चलते मछली पकडऩे पर पूरी तरह से रोक है। इसके बावजूद झील में जगह-जगह जाल लगाकर मछलियां पकड़ी जा रही है। इसके लिए नाव एवं ट्यूब आदि का उपयोग किया जा रहा है। स्थिति यह है कि छतरियों के निकट रात्रि 10 बजे ही नाव में बैठकर जाल लगाते लोगों को देखा गया है। शनिवार को भी पीडब्ल्यूडी ऑफिस के निकट बनी रपट के पास भी बड़ा जाल लगा रखा था। उसे नगर परिषद के कर्मचारियों से उसे निकलवाकर जलाया गया।
Published on:
07 Aug 2023 11:51 am
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