- आम वर्तमान भाव 65 से 70 रुपए प्रति किलो, पिछली बार 30 से 40 का था भाव, पिछले सालों के मुकाबले पैदावर कम होना और मौसम की मार भी मुख्य कारण
राजसमंद. फलों के राजा आम (mango) पर भी मौसम और महंगाई की मार पढ़ गई है। इसके कारण वह आमजन की पहुंच से दूर हो गया है। स्थिति यह है कि पिछले साल जो आम (mango) 30 से 40 रुपए प्रतिकिलो के भाव से बिक रहा था। वह इस बार 60 से 70 रुपए प्रति किलो के बीच बिक रहा है। वर्तमान में आम का पीक सीजन चल रहा है।
फलों के राजा आम (mango) को गर्मी के दौरान प्रत्येक घर में चाव से खाया जाता है। इसके कारण इसकी मांग एकाएक बढ़ जाती है, लेकिन इस बार इसके भावों में अभी तक तेजी के चलते आमजन की पहुंच में नहीं आ पाया है, जबकि प्रत्येक वर्ष मई माह में इसकी रेट 30 से 40 रुपए प्रतिकिलो हो जाती है, लेकिन इस बार इसके भाव 60 से 70 रुपए किलो पर अटके हुए हैं। आगामी दिनों में इसमें कमी आने की संभावना कम ही दिखाई दे रही है। प्रदेश में 15 जून के आस-पास प्री-मानसून बारिश शुरू हो जाती है। इसके साथ ही आम की आवक कम हो जाती है।
यहां से आता है आम
जिले में अधिकांश आम (mango) की आवक महाराष्ट्र के किशनापुरी और मध्यप्रदेश के जूनागढ़ से होती है। यहां पर आम (mango) की पैदावार बहुतायात में होती है। फल के होलसेल विक्रेताओं की मानें तो वहां पर खेतों से आम 10 से 15 रुपए किलो के भाव से उठते हैं और लोगों तक पहुंचते हुए इसका भाव 80 से 100 रुपए किलो तक पहुंच जाता है।
10 टन से अधिक की आवक
जिला मुख्यालय पर 8 से 10 बड़े थोक व्यापारी है। जानकारों के अनुसार जिला मुख्यालय पर प्रतिदिन 10 टन (100 क्विंटल) से अधिक आम की आवक हो रही है। यहां से पूरे जिले में आम की सप्लाई होती है। इसमें कुछ स्थानों पर मंडियों में तो कुछ सीधे व्यापारियों के यहां आम की पेटियां भेजी जाती है। वर्तमान में आम का पीक सीजन चल रहा है।
आम की किस्म वर्तमान भाव (रुपए) पिछले साल (किलो)
किस्म वर्तमान पिछला
केसर 100-120 80-100
सिंदूरी 70-75 40-50
बदाम 60-70 40-45
तोता 60-65 35-40
भावों के आसमान छूने के यह कारण
- इस वर्ष आम की पैदावार कम होना
- बेमौसम बारिश एवं मौसम परिवर्तन
- ट्रांसपोर्टेशन चार्ज बढऩे के कारण
- व्यापारियों का एकाधिकार होना
- महंगाई से भावों में तेजी आना
पेड़ खूब, बनता है अचार
मेवाड़ के उदयपुर, राजसमंद, प्रतापगढ़ जिले में आम के पेड़ बहुत है, लेकिन इसमें से अधिकांश पेड़ में कैरी (कच्चा आम) होती है। उक्त कैरी से घरों में आचार आदि गलाया जाता है, जिसे पूरे वर्ष उपयोग लिया जाता है। सर्वाधिक पेड़ इसके कुंभलगढ़ क्षेत्र में है। इसमें से कुछ कैरियों के आम भी बनाए जाते है, लेकिन उसकी मात्रा बहुत कम होती है।