
सत्तापक्ष के पार्षदों ने भी नगरपालिका की कार्यशैली पर उठाए सवाल, हंगामा
नाथद्वारा. स्थानीय नगर पालिका में सत्ता पर काबिज भाजपानीत बोर्ड के सदस्यों में कुछ जनप्रतिनिधियों की मनमर्जी को लेकर होने वाले कथित निर्णयों से आपसी गुटबाजी सोमवार को और ज्यादा खुलकर जगजाहिर हो गई, वहीं विपक्ष ने उपाध्यक्ष परेश सोनी पर गौरव पथ निर्माण में तत्कालीन विधायक स्व. कल्याणसिंह चौहान को गुमराह कर राजनीति करने का भी आरोप लगाया। सत्ता पक्ष के पार्षद ने भी खूब खरी-खोटी सुनाई। पालिका के सुखाडिय़ा नगर स्थित सभागार में अध्यक्ष लालजी मीणा की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें सबसे पहले बिंदु में शहर के नए बने मॉडल बस स्टैण्ड का नाम दिवंगत विधायक कल्याणसिंह चौहान के नाम पर करने की चर्चा की गई। इसका विपक्ष ने कड़ा विरोध किया। बताया कि यहां के बस स्टैण्ड का निर्माण करने को लेकर हुए एमओयू में पूर्व में ही निर्धारित कर रखा था, ऐसे में चौहान का नाम राजनीति में घसीटकर इसका नामकरण नहीं किया जाए । ऐसे में सभी ने इसका नाम मॉडल बस स्टैण्ड ही रखने की बात कही। वहीं, सत्ता पक्ष ने मेजें थपथपाकर इस प्रस्ताव को विपक्ष के विरोध के बावजूद सहमति दी। इस प्रस्ताव का कांग्रेस पार्टी के द्वारा भी पूर्व में ही विरोध दर्ज करा रखा है।
इन बिंदुओं पर चर्चा
मृत आश्रित को अनुकंपा में नौकरी लगाने,नाथद्वारा में कुश्ती अकादमी स्थापित करने, गांधी रोड की दुकानों को नीचे उतारने, सिंहाड,़ नाथूवास तालाब की खातेदारी भूमि को आवप्त करने पर भी चर्चा की गई। ऑडिट आक्षेप को टालना पड़ा। बैठक में ऑडिट आक्षेप के बिंदु पर सत्ता पक्ष के ही नीरज ने कहा कि ऑडिट में बताया जाए कि अब तक किसको नोटिस दिया गया व कितनी वसूली की गई। इस पर पालिकाध्यक्ष ने इस बिंदु को अगली बैठक में स्पष्ट करके रखने के निर्देश दिए। वहीं, अन्य बिंदुओं पर भी सत्ता पक्ष के शर्मा व सुराणा ने तेवर दिखाए।
लगाया काला टीका
शहर की चौपाटी पर गत २७ मई को हुए हादसे में दो श्रद्धालुओं की अकाल मौत को नाथद्वारा के इतिहास में पालिका की लापरवाही का कलंक बताते हुए विपक्षी प्रमोद गुर्जर ने रोष जताया। इसके साथ ही उन्होंने जेब में लेकर आए काजल की डिब्बी निकालकर माथे पर काला टीका लगाते हुए पालिका के लिए शर्म की बात बताई। इस पर सत्ता पक्ष के द्वारा वाह-वाही लूटने का आरोप लगाया गया। इसी मामले पर सत्ता पक्ष के नीरज शर्मा, राजेन्द्र सनाढ्य, मनीष सुराणा आदि ने घटना में जिस किसी की लापरवाही रही हो इसकी जांच एसीबी से कराने की मांग की। इस पर पालिकाध्यक्ष ने सत्ता पक्ष के पार्षदों को नसीहत दी कि सदन में जांच कराने की मांग का पक्ष नहीं रख एक व्यक्ति भी पत्र लिखकर शिकायत कर सकता है।
उपाध्यक्ष पर व्यक्तिगत राजनीति के आरोप
सदन में विपक्ष के पार्षद द्वारा तेलियों का तालाब में सीवरेज के मामले एवं पानी की टंकी निर्माण को लेकर उपाध्यक्ष परेश कुमार का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने व्यक्तिगत राजनीति करते हुए वहां यह कार्य किया। इस पर दोनों के बीच काफी गरमागरमी हुई।
जनता बता देगी आने वाले चुनाव में
चर्चा के दौरान विपक्ष ने सत्ता पक्ष के द्वारा शहर में मनमर्जी पूर्वक निर्णय लेने एवं अन्य बिंदुओं पर बोलते हुए कहा कि आपके कार्यों पर आने वाले चुनाव में जनता सब कुछ बता देगी।
अध्यक्ष से अनुमति लेकर बैठे स्व. विधायक पुत्र
पालिका बोर्ड की बैठक में विधायक दिवंगत चौहान के पुत्र योगेन्द्रसिंह भी मौजूद रहे। जबकि, वे न तो पालिका बोर्ड में किसी पद पर हैं और न ही जनप्रतिनिधि, जिसको लेकर भी चर्चाएं चलती रही। इस दौरान विपक्ष के द्वारा भी इस मामले पर कोई विरोध नहीं जताया गया। यहां मुख्य बात यह है कि जब उनको बैठक में बुलाया गया तो न तो जिन बिंदु के आधार पर उनको अनुमति की बात मीणा के द्वारा बताई गई उस पर नहीं बोले और न ही कोई प्रतिक्रिया ही दी। दूसरी और चौहान ने जो पत्र दिया उस पर पालिकाध्यक्ष ने आयुक्त को निर्देशित करते हुए नोट डाला कि उनको बैठक में बैठने दिया जाए, जिसके बावजूद आयुक्त द्वारा कोई आदेश नहीं देने की बात कही गई। वहीं, इस पत्र पर पालिका की आवक-जावक पंजिका का भी कोई नंबर अंकित नहीं है।
गौरव पथ में गुमराह करने का आरोप
शहर में लालबाग से अधूरे पड़े गौरव पथ के कार्य को लेकर विपक्ष के पार्षद सुरेन्द्रसिंह ने सत्ता पक्ष को जमकर घेरते हुए कहा कि गौरवपथ का निर्माण विकास की सोच के साथ नहीं किया गया। जबकि, होना यह चाहिए था कि गौरवपथ का निर्माण तेलियों का तालाब से पानेरियों की मादड़ी होकर किया जाना चाहिए था, जिससे सभी को राहत मिलती। उन्होंने कहा कि इस मामले में विधायक स्व. चौहान को भी गुमराह किया गया। इस दौरान विपक्ष के तीखे तेवरों के बीच बचाव के लिए सामने आए उपाध्यक्ष को भी सुरेन्द्र ने खूब खरीखोटी सुनाई।
उन्होंने मांगी थी अनुमति
मुझे योगेन्द्रसिंह ने दो बिंदु दिवंगत चौहान के विषय के दिए थे, जिन पर राय रखने सदन में बैठने की अनुमति मांगी थी। इस पर अनुमति दी। विपक्ष ने इस बारे में कुछ नहीं पूछा, जबकि मैंने शुरू में ही बता दिया था।
लालजी मीणा, अध्यक्ष नगरपालिका नाथद्वारा
विधायक पुत्र के बारे में चेयरमैन ने बैठक में पहले ही बता दिया था, उसके बाद चौपाटी हादसे के कारण बात नहीं उठा पाए।
प्रमोद गुर्जर, नेता प्रतिपक्ष पालिका, नाथद्वारा
नहीं दिया लिखित में आदेश
मुझे पालिकाध्यक्ष ने योगेन्द्रसिंह के बैठक में बैठने का पत्र दिया था। मेरी ओर से लिखित में कोई आदेश नहीं दिया गया।
दीपिका वीरवाल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका नाथद्वारा
Published on:
05 Jun 2018 12:08 pm

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