
राजसमंद। नाथद्वारा के राजकीय गोवर्धन जिला चिकित्सालय से बच्चा चोरी की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में पुलिस ने दो बहनों को गिरफ्तार किया है। वहीं बच्चा सकुशल उसकी मां को सौंप दिया गया। जिसमें एक की ‘मां बनने की अधूरी ख्वाहिश’ ने अपराध को जन्म दिया, और दूसरी बहन की गोद भरने के लिए उसका साथ दिया। इस मामले का खुलासा पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता ने किया। उन्होंने पूरे प्रकरण की जानकारी दी।
पुलिस ने अस्पताल और आस-पास के 70 से अधिक सीसीटीवी फुटेज देख दोनों महिलाओं को ट्रैक किया। जो चोरी के बाद लालबाग की दिशा में जाती दिखीं। आरोपी महिलाओं की पहचान चेतना पत्नी महेन्द्रसिंह और भारती पत्नी भैरूसिंह के रूप में हुई।
एसपी ने बताया कि चेतना के कोई संतान नहीं थी। इसके चलते वह डिप्रेशन में थी। उसने बहन भारती के साथ मिलकर नवजात चुराने की योजना बनाई। चेतना ने नवजात चोरी किया और भारती को दे दिया। छोटी बहन के डेढ़ साल के करीब बच्चे को लेकर वह फरार हुई। पुलिस ने वारदात की अगली सुबह सीसीटीवी फुटेज से ट्रेक करती हुई बिजनौल गांव में दबिश दी। वहीं दोनों महिलाएं बच्चे के साथ मिलीं। नवजात उनके पास था। बच्चे को तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता ने बताया कि चोरी की वारदात को अंजाम देने से पूर्व दोनों बहनों ने दो-तीन दिन तक अस्पताल की पूरी रैकी की है। इसके बाद उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया। चेतना ने नर्स की वर्दी में आई और वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने बताया नाथद्वारा निवासी चेतन मीणा की पत्नी बिंदिया ने 2 अगस्त को एक बच्चे को जन्म दिया। 4 अगस्त की दोपहर आरोपी महिला नर्स के भेष में आई और परिजन से नवजात चुरा ले गई थी। जब बिंदिया को पुलिस ने बच्चा सौंपा तो उसने उसे सीने से लगा लिया।
Updated on:
05 Aug 2025 05:00 pm
Published on:
05 Aug 2025 05:00 pm
