
राजसमंद. बाहरी राज्यों में संगीन अपराध के बाद महानगरों में भागने वाले अपराधी अब राजस्थान में डेरा डालने लगे हैं। इसको लेकर पुलिस मुख्यालय के डीजीपी ने धरपकड़ व जनता को सावचेत के सख्त आदेश भी दिए, मगर राजसमंद जिले में डीजीपी के आदेश को लेकर पुलिस गंभीर नहीं है। आज भी यहां लोग बिना पुलिस सत्यापन व प्रारंभिक पूछताछ बिना ही हर किसी बाहरी को मकान किराए पर दे रहे हैं। इसी कारण जिले में लगातार अपराध में बढ़ोतरी के साथ बाहरी राज्यों के अपराधी पकड़े जा रहे हैं। एक दिन पहले हाउसिंग बोर्ड कांकरोली में पकड़े अपहरण गैंग के शातिर बदमाश गटड़ा स्वामीना, गटड़ा, जिला भावनगर (गुजरात) निवासी रामजी भाई उर्फ धीकभाई उर्फ जाडा भाई पुत्र जीना भाई पटेल, जेतपुर$, जिला राजकोट (गुजरात) निवासी भावेश भाई पुत्र मनु भाई पटेल, केवलपुर, बहराईच (उत्तरप्रदेश) निवासी भानुप्रतापसिंह पुत्र मनोहर सिंह चौधरी राजपूत, जेतपुर, राजकोट (गुजरात) निवासी दिलीप भाई पुत्र मालदेव भाई अहीर एव गटड़ा स्वामीना, जिला भावनगर (गुजरात) निवासी आरिफ पुत्र इकबाल भाई गांछी के बारे में मकान मालिक रवि नागदा को उनके नाम तक पता नहीं थे। क्योंकि मकान मालिक को सिर्फ पैसा से मतलब था, जो 4 हजार रुपए अग्रिम ले लिए।
श्रमिक बन रह रहा था हिस्ट्रीशीटर
गत वर्ष राजनगर-कांकरोली में आधा दर्जन से ज्यादा रिवाल्वर दिखा चेन स्नेचिंग व नकदी लूट की वारदातें बढऩे पर राजनगर पुलिस ने 18 मई 2017 को पर्दाफाश करते हुए जाटियाखेड़ी, मलावर, राजगढ़ (मध्यप्रदेश) निवासी रूपसिंह (20) पुत्र चन्दसिंह गुर्जर व शीरखेड़ा, मलावर, राजगढ़ (मध्यप्रदेश) हाल फेल्सपार प्लांट रूपाखेड़ा निवासी ज्ञानसिंह (22) पुत्र हरिसिंह खेवट को पकड़ा। दोनों आरोपित मध्यप्रदेश के वांटेड निकले, जिनके खिलाफ लूट-नकबजनी के कई मामले थे, जो रूपाखेड़ा में मजदूरी के बहाने रूपाखेड़ा में सवाईभोज मिनरल प्लांट में कार्य कर रहे थे, मगर प्लांट मालिक ने उनका सत्यापन नहीं करवाया। पुलिस जांच में ज्ञानसिंह मध्यप्रदेश का हिस्ट्रीशीटर था, जबकि रूपसिंह भी आदतन आरोपी निकला।
किराएदार बन आया, लूट गया
राजनगर कुम्हारवाड़ा में एक ईंट भट्टा संचालक के घर पर किराएदार के रूप में दम्पती कई महीनों तक रहा, मगर मकान मालिक ने उसका पूर्ण परिचय नहीं लिया और न ही पुलिस सत्यापन कराया। बाद में दम्पती ने मौका पाकर मकान मालिक के घर में सेंध लगा लाखों रुपए पार कर फरार हो गए, जिनका आज तक पता नहीं चल सका।
शहर में बसें है कई बाहरी लोग
राजसमंद शहर के जलचक्की, धोइंदा, हाउसिंग बोर्ड, मुखर्जी चौराहा, मार्बल माइनिंग क्षेत्र केलवा, पसूंद, मोरचणा क्षेत्र में भी सैकड़ों की तादाद में बाहरी लोग निवास कर रहे हैं, मगर उनके पुलिस सत्यापन को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
सत्यापन का अभियान चलाएंगे
घर पर किराएदार, नौकर का पुलिस सत्यापन जरूरी है। होटलों के साथ मार्बल फैक्ट्री, गोदाम, दुकान या प्लांट में मजदूरी करने वाले श्रमिकों का भी सत्यापन कराने के लिए आमजन को सावचेत रहने की जरूरत है। इसके लिए सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित कर दिया है। जल्द अभियान के रूप में जागरुकता व कार्रवाई की जाएगी।
मनोज कुमार, पुलिस अधीक्षक राजसमंद
Published on:
18 Apr 2018 11:29 am
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