25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

EXCLUSIVE : राजसमंद झील में अथाह पानी के बावजूद नौकायन नहीं होने का मलाल : नगरपरिषद ने शुरू की कवायद

पिछले वर्ष ठेकेदारों ने नहीं ली थी रूचि, इस बार भी आवेदक का इंतजार

2 min read
Google source verification
Not of sailing in the Rajsamand lake despite water, Rajsamand Hindi news, Rajsamand Lake, Latest hindi news rajsamand, , Rajsamand

राजसमंद. झील किनारे इन दिनों सैलानियों की भीड़ लगी है, लेकिन उन्हें नौकायन का मौका नहीं मिलने का मलाल हो रहा है। दूर-दराज से आ रहे सैलानी अथाह पानी में नाव का सफर करने को बेकल हैं, मगर अफसोस कि नगर परिषद ने नौकायन की सुविधा अब तक उपलब्ध नहीं कराई है।

नौकायन की निविदा जारी नहीं करने से झील के पानी की सैर का पर्यटकों का सपना अभी अध्ूारा ही है। हालांकि नाव संचालन पिछले कई वर्षों में यहां सफल नहीं हो सका है। सैलानियों की अनियमितता, नौचौकी व जलधरा घाट तक पर्यटकों की पहुंच आसान नहीं होना भी एक बड़ा कारण है। सुगम मार्ग बनाने को लेकर अब तक कई बार राजनेताओं ने शिगूफा छेड़ा, मगर हकीकत में कुछ नहीं हुआ है। राजसमंद झील पर पर्यटक नौकायन का लुत्फ ले सकें, इसके लिए नगर परिषद ठेका देती है। परिषद ने गत 24 अगस्त, 2016 को निविदा जारी की थी, लेकिन एक भी आवेदन नहीं आने से पूरी निविदा प्रक्रिया असफल रही। इस बार भी बुधवार को निविदा जारी कर दी गई। अब केवल निविदाताओं के आवदनों का इंतजार है। परिषद ठकेदार से अमानत राशि जमा वसूल कर ठेका देती है, लेकिन अब तक कोई भी ठेकेदार पूरे वर्षभर सफल संचालन नहीं कर पाया है। 2014-15 में नौकायन का ठेका समाप्त होने के बाद कोई आवेदन नहीं आया।

बदल गई परिस्थितियां
हालांकि इस बार स्थिति बिल्कुल उलट गई है। झील में भरपूर पानी है और यह उदयपुर के फतहसागर से भी च्ज्यादा खूबसूरती नजर आ रही है। अब वर्षभर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होने और पर्यटकों की रेलमपेल शुरूहोने से एक नई उम्मीद जगी है। पर्यटकों को नौकायन जल्द शुरू होने की आस है।


अब इंतजार आवेदक का
2014-15 के नौकायान का ठेका समाप्त होने के बाद, 2016 में जारी की गई निविदा में किसी ने आवेदन नही किया था। हालांकि इस बार झील पूरी तरह से भरी हुई है और पर्यटाकों की झील के प्रति लगाव भी बढ़ रहा हैं। झील में नौकायान की सैर करने को लेकर भी काफी उत्साह बना हुआ है। इसे देखते हुए नगर परिषद ने बुधवार को निविदा जारी कर दी गई, केवल इतंजार आवेदकों का है कि, वो आवेदन कर जल्द से जल्द झील में अपनी नौका को उतारे और झील को एक नया आयाम देने का प्रयास करे।

खर्च अधिक, मुनाफा कम
सूत्रों के अनुसार निविदाताओं को निविदा प्रक्रिया में निर्धारित राशि करीब १२ लाख रुपए जमा करानी पड़ती है, जो कि उनके लिए घाटे का सौदा रहा है। अव्वल तो यहां ठेकेदार नौकायन का ठेका लेते ही नहीं हैं। जिन्होंने लिया, उन्हें कोई खास फायदा नहीं हुआ।


नाव में करनी थी झील की सैर
झील छलकने के बाद मैं और मेरा परिवार वाले विशेष रूप से नाव में बैठने के लिए आए थे, लेकिन यहां नावों की व्यवस्था नहीं होने से हमें थोड़ा निराश होना पड़ा है।
राकेश, पर्यटक


बस नौका की कमी है
झील छलकने से हमें काफी खुशी हुई, पर झील में नावों की व्यवस्था होती तो झील भ्रमण में चार चांद लग जाते।
नेहा, कॉलेज छात्रा


जारी कर दी निविदा
नौकायन के लिए पिछली बार एक भी निविदादाता ने आवेदन नहीं किया। अब हमने फिर से निविदा जारी कर दी है। अब इंतजार केवल निविदादाताओं का है।
बृजेश राय, आयुक्त, नगर परिषद