
राजसमंद. जिले में मिशन पिंक टॉयलेट अन्तर्गत सभी राजकीय विद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थानों पर महिला शौचालयों का नवीनीकरण एवं नए शौचालयों का निर्माण करवाया जाएगा। स्कूलों के शौचालयों को बालिकाओं के अनुकूल बुनियादी ढांचे एवं स्वच्छता से संबंधित स्थिति की कमी है एवं सैनेटरी पेड के असुरक्षित निपटान से भी प्लास्टिक कचरा उत्पन्न हो रहा है, जिससे इसके उचित निस्तारण के अभाव से गांवों तथा उनके आस-पास के क्षेत्र में स्वच्छता प्रभावित होती है। जिला कलक्टर डॉ. भंवरलाल ने राजकीय विद्यालयों में बालिका शौचालयों को पिंक टॉयलेट के रूप में विकसित करने के लिए सभी विकास अधिकारियों को टाइम लाईन जारी कर निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण करने के निर्देश प्रदान किए हैं।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़ ने बताया कि सभी पंचायतों में बनने वाले पिंक टॉयलेट में महिलाओं एवं लड़कियों के लिये पृथक शौचालय की सुविधा होगी। इसमें पश्चिमी एवं भारतीय सुविधाओं से युक्त शौचालय, दिव्यांग अनुकूल शौचालय, शौचालय में उचित प्रकाश एवं वेन्टिलेशन की सुविधा, नियमित पानी की उपलब्धता, सेनेटरी पैड की उपलब्धता, सैनेटरी पैड इन्सिनरेटर, हाथ धोने के लिए वॉश बेसिन, जिसमें पानी एवं साबुन की निरन्तर उपलब्धता हो, एमएचएम स्वच्छता एवं स्वास्थ्य पर आईईसी संदेश, शौचालयों की विशिष्ठता हेतु पिंक कलर कराया जाएगा।
पानी एवं साबुन की निरन्तर उपलब्धता एवं नियमित सफाई की जिम्मेदारी विद्यालय की रहेगी। इसके लिए विद्यालय में एक व्यक्ति की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी, सेनेटरी पेड इन्सीनरेटर के रख-रखाव की जिम्मेदारी गारंटी समय में संबधित आपूर्तिकर्ता की रहेगी, इंसीनरेटर पर जिम्मेदार व्यक्ति के मोबाईल नंबर भी अंकित होंगे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा ऐसे पिंक शौचालयों का नियमित निरीक्षण करना अनिवार्य रहेगा। विद्यालयों में सत्र के प्रारम्भ में समस्त बालिकाओं के लिए इस संबध में एक-एक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित करवाया जाएगा। सेनेटरी पैड की उपलब्धता महिला एवं बाल विकास विभाग की उड़ान योजना से होगी।
Published on:
22 Jul 2024 10:44 am
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