
राजसमंद. जिले के बड़ाभाणुजा गांव स्थित करधर धाम में पांच दिवसीय नवनिर्मित शिखर मंदिर ध्वजा, कलश स्थापना एवं प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतिम दिन बुधवार को हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी एवं करधर भैरूनाथ के गगनभेदी जैकारों के बीच मंदिर शिखर पर कलश व ध्वजा स्थापना के साथ ही प्राण-प्रतिष्ठा की रस्म सम्पन्न हुई। स्वागत के लिए हेलीकॉप्टर से पुष्प-केसर वर्षा की गई और वहां मौजूद भक्तों ने उत्साह से यह अनुपम नजारा निहारा और असीम आनंद की अनुभूति की। जग महोत्सव में स्थानीय क्षेत्र सहित दूर-दूर से आए लोगों ने प्रभु प्रसाद प्राप्त किया। आखरी दिन सूर्योदय के साथ ही हवन मण्डप में अनुष्ठान शुरू हो गए। विप्रजनों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच प्रतिष्ठा से पूर्व की विभिन्न धार्मिक रस्में पूर्ण की वहीं न्यास पूजन, प्रतिष्ठा, भैरवबली, पूर्णाहुति, आरती, संकल्प जैसे अनुष्ठान भी सम्पन्न कराए। इस मौके पर सुबह तय मुहूर्त के अनुरूप विभिन्न सेवा कार्यों के लिए बोली लगाने वाले लाभार्थियों की मौजूदगी में सभा मण्डप पर कलश व ध्वजा तथा परिसर में निर्मित विभिन्न देवालयों में मूर्ति प्रतिष्ठा एवं उन पर कलश व ध्वजा स्थापना आदि रस्में विधिपूर्वक पूर्ण कराई गई। इसके साथ ही करधर भैरूनाथ के नवनिर्मित शिखर मंदिर पर बड़ाभाणुजा निवासी भामाशाह व लाभार्थी जमनालाल पालीवाल सहित भक्तजनों ने मंत्रोच्चार व करधरनाथ के गगनभेदी जैकारों के बीच कलश स्थापना की। साथ ही बड़ाभाणुजा ग्राम की ओर से ध्वजा चढ़ाई गई। इसके बाद तय कार्यक्रम अनुसार लाभार्थी परिवार द्वारा मंदिर के कपाट खोले गए तथा अन्य कई विधियां अलग-अलग लाभार्थियों के जरिए पूर्ण कराने के बाद करधरनाथ की महाआरती हुई। आयोजन समिति अध्यक्ष रामचन्द्र पुरोहित, मंत्री धर्मनारायण पुरोहित, कोषाध्यक्ष पन्नालाल पुरोहित, शंकरलाल पुरोहित, भामाशाह तुलसीसिंह खरवड़ कणुजा, शंकरलाल सांखला मचीन्द, लालचंद बम्बोरी बड़ाभाणुजा, ओंकारलाल बम्बोरी सहित दर्जनों लाभार्थियों मौजूदगी में ये सभी विधियां व रस्में वैदिक रीतिनुसार सम्पादित की गई।
एक घंटे तक हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा
ध्वजा, कलश स्थापना व प्राण-प्रतिष्ठा की वेला में स्वागत स्वरूप हेलीकॉप्टर से पुष्प व केसर वर्षा की गई। करीब एक घंटे तक हेलीकॉप्टर लगातार आसमान में उड़ते हुए मंदिर क्षेत्र के कई चक्कर लगाता रहा और उसमें सवार लाभार्थी फूल बरसाते रहे। मंदिर से महज कुछ ऊंचाई पर ही उडऩे से लोग आसानी से हेलीकॉप्टर व फूलों की बरसात नजदीक से देख पाए। हेलीकॉप्टर की बार-बार आवाजाही होती रही और हेलीकॉप्टर जब मंदिर के ऊपर से गुजरता, लोग जैकारे लगाने लगते। यह क्रम काफी देर तक चला।
मंत्री, सांसद ने लिया भाग
महोत्सव के आखरी दौर में मुख्य समारोह हुआ जिसमें उच्च शिक्षामंत्री किरण माहेश्वरी, सांसद हरिओमसिंह राठौड़, कांग्रेस जिलाध्यक्ष देवकीनंदन गुर्जर, प्रधान शोभा पुरोहित, भामाशाह जमनालाल पालीवाल, तुलसीसिंह खरवड कणुजा, लाभार्थी शंकरलाल सांखला मचीन्द, भीमसिंह चौहान, किशनलाल पालीवाल, योगेन्द्रसिंह चौहान, केसरसिंह, हरदयाल सिंह, नवनीत पालीवाल, भंवरलाल सांखला, वीरेन्द्र पुरोहित, श्याम जोशी दड़वल, हिम्मतसिंह चुण्डावत आदि अतिथि थे। प्रतिष्ठा महोत्सव समिति अध्यक्ष रामचन्द्र पुरोहित, मंत्री धर्मनारायण पुरोहित, कोषाध्यक्ष पन्नालाल पुरोहित, शंकरलाल पुरोहित, रमेश दवे आदि ने अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान समिति पदाधिकारी रमेश दवे ने उच्च शिक्षामंत्री से बड़ाभाणुजा गांव से करधर धाम व इससे आगे धुणी तक सडक़ निर्माण व सांसद से सुविधाघर के लिए अनुरोध किया। इस पर उच्च शिक्षामंत्री ने गांव से करधर धाम होते हुए धुणी तक करीब साढ़े चार किमी भाग में सडक़ निर्माण की मौके पर ही घोषणा की। सांसद ने भी शीघ्र शौचालय सुविधा के लिए कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इधर, प्रतिष्ठा सम्पन्न होने के बाद जग महोत्सव (स्वामी वात्सल्य) शुरू हुआ। इसके तहत यहां पहुंचे सभी भक्तों में प्रसादी वितरण के लिए परिसर में ही लम्बे-चौडे कई भागों में माकूल इंतजाम किए गए। महोत्सव के आखरी दिन स्थानीय व आसपास के दर्जनों गांवों के अलावा विभिन्न प्रान्तों से यहां पहुंचे हजारों लोगों ने प्रभु प्रसाद ग्रहण किया। इधर, कंचन सेवा संस्थान उदयपुर की ओर से डागलिया परिवार सूरत के सहयोग से महोत्सव स्थल पर आयोजित पांच दिवसीय नि:शुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर बुधवार को सम्पन्न हुआ। शिविर में डॉ. श्याम तोषनीवाल एवं सहयोगी टीम ने रोगियों को सेवाएं प्रदान की।
Published on:
03 May 2018 05:33 pm

बड़ी खबरें
View Allराजसमंद
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
