
राजसमंद. माध्यमिक शिक्षा अभियान जयपुर के निदेशक पद से स्थानान्तरित होकर राजसमंद कलक्टर की कमान संभालने वाली आनंदी औचक निरीक्षण के लिए जानी जाती है। ड्यूटी के दौरान कार्मिकों की बेपरवाही उन्हें बर्दाश्त नहीं है। तभी वे जिस भी पद पर जहां भी रही, उनके अधीन तमाम कार्मिकों को उनकी ड्यूटी और जिम्मेदारी याद दिलाती रहीं। सवाईमाधोपुर में बतौर कलक्टर आनंदी ने पर्यटन को ऊंचाईयां देने के खासे प्रयास किए, जिससे पर्यटन स्थलों का खजाना माने जाने वाले राजसमंद जिले को भी पर्यटन विकास की अब नई उम्मीद जगी है। मूलत: तमिलनाडु की रहने वाली आनंदी ने समाज शास्त्र में बीए के बाद एलएलबी कर रखी है। उनका ज्यादातर कार्यकाल जोधपुर जिले में ही रहा, जहां उपखंड अधिकारी, जिला परिषद सीईओ से लेकर विभिन्न महकमों की कमान उनके हाथ में रही।
यह है उनका सर्विस रिकॉर्ड
18 अगस्त 2007 से 7 अगस्त 2009 तक अजमेर व अन्य जगह अधीन प्रशिक्षण प्राप्त किया। 17 अगस्त 09 को जोधपुर उपखंड अधिकारी का कार्यभार संभाला। फिर 20 अक्टूबर 10 से 20 जून 11 तक जोधपुर जिला परिषद सीईओ के बाद जोधपुर विकास प्राधिकरण जोधपुर आयुक्त की कमान संभाली। कुछ माह राजफेड प्रबंध निदेशक भी रहीं। 5 जून 2013 से एक साल तक बूंदी कलक्टर और दो साल तक सवाईमाधोपुर कलक्टर की कमान संभाली। साथ ही सरदार पटेल युनिवर्सिटी ऑफ पुलिस सुरक्षा एवं अपराध जोधुपर की रजिस्ट्रार का कामकाज भी देखा। 4 नवंबर 16 को ओरियंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट जोधपुर की निदेशक और 3 जुलाई 2017 को राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान निदेशक पद पर ज्वाइन किया, जहां अब तक कार्यरत है।
आनंदी तीसरी महिला कलक्टर
राजसमंद जिला बनने के बाद अब तक दो महिला कलक्टर आए और अब तीसरी महिला कलक्टर के रूप में आनंदी कार्यभार संभालेंगी। 28 अप्रेल 1997 को श्रीमती किरण सोनी गुप्ता पहली महिला कलक्टर बनीं, जबकि वर्ष 2016 में अर्चनासिंह दूसरी महिला कलक्टर के रूप में ज्वाइन किया।
बेरवाल लोक सेवा आयोग सचिव बने
राजसमंद कलक्टर पद से स्थानान्तरित पे्रमचंद बेरवाल राजस्थान लोक सेवा आयोग के सचिव का पदभार संभालेंगे।
Published on:
02 May 2018 09:34 am
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